उज्जैनः प्रशासक प्रथम कौशिक ने किया महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्थाओं का निरीक्षण

 


उज्जैन, 12 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में नागपंचमी पर्व, 17 अगस्त को श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था के लिए बुधवार को महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने विभिन्न मार्गों एवं दर्शन व्यवस्थाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस दिन सोमवार होने से श्रावण मास की बाबा महाकाल की तीसरी सवारी भी नगर भ्रमण पर निकलेगी। इसे देखते हुए व्यवस्था को काफी चुस्त दुरस्त बनाने की योजना पर काम चल रहा है।

प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि इस वर्ष श्रावण मास की बाबा महाकाल की तीसरी सवारी, श्रावण मास का तीसरा सोमवार एवं नागपंचमी पर्व एक ही दिन होने के कारण श्रद्धालुओं की संभावित संख्या लाखो में होगी। इसे देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर एवं नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन हेतु अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। ताकि श्रद्धालु दर्शन के लिए अलग कतार में लग जाए और उसे परेशानी न हो। साथ ही व्यवस्थाएं भी सुचारू चले।

बुधवार को कौशिक ने अपने निरीक्षण के दौरान कर्कराज पार्किंग, भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम पार्किंग, हरसिद्धि चौराहा, बड़ा गणेश मार्ग, प्रवेश द्वार कं्र.-4 एवं विश्रामधाम होते हुए मंदिर परिसर से प्री पेड बूथ एवं चौबीस खंभा मार्ग तक व्यवस्थाओं को मौके पर देखा। उन्होने बताया कि प्रारंभिक तौर पर यह व्यवस्थाएं तय की गई है-

नागचंद्रेश्वर मंदिर दर्शन व्यवस्था1.सामान्य दर्शन: सामान्य दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का प्रवेश कर्कराज पार्किंग स्थित प्रवेश द्वार से होगा। श्रद्धालु कर्कराज से प्रवेश कर भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा एवं बड़ा गणेश होते हुए प्रवेश द्वार क्रं.-4 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। वे विश्रामधाम होते हुए नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन करेंगे तथा प्रीपेड बूथ से बाहर निकलेंगे। निकासी के पश्चात श्रद्धालु 24 खंबा माता मंदिर मार्ग से होते हुए पुन: कर्कराज की ओर जाएंगे।

2.शीघ्र दर्शन: शीघ्र दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का प्रवेश हरसिद्धि पाल की ओर से रहेगा। श्रद्धालु बड़ा गणेश मार्ग से होते हुए प्रवेश द्वार क्रं.-5 से प्रवेश करेंगे और विश्रामधाम होते हुए नागचंद्रेश्वर भगवान के दर्शन करेंगे। दर्शन उपरांत प्रीपेड बूथ से निकासी कर 24 खंबा माता मंदिर मार्ग होते हुए पुन: हरसिद्धि पाल की ओर जाएंगे।

महाकालेश्वर मंदिर दर्शन व्यवस्था1.सामान्य दर्शन: महाकालेश्वर भगवान के सामान्य दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का प्रवेश त्रिवेणी संग्रहालय स्थित त्रिवेणी प्रवेश द्वार से रहेगा। श्रद्धालु नदी द्वार होते हुए मानसरोवर फैसिलिटी, गणेश मंडप एवं कार्तिक मंडप से दर्शन मार्ग पर आगे बढ़ेंगे। दर्शन उपरांत एम्बुलेंस गेट से निकासी करते हुए पिनाकी द्वार से बाहर जाएंगे।

2. शीघ्र दर्शन: महाकालेश्वर मंदिर में शीघ्र दर्शन व्यवस्था अंतर्गत श्रद्धालुओं का प्रवेश नीलकंठ द्वार से निर्धारित किया गया है।

यह रहेगी पार्किंग व्यवस्था

* हरिफाटक पुल के समीप मघदूत पार्किंग

* कर्कराज महादेव मंदिर के समीप पार्किंग स्थल

* कार्तिक मेला ग्राउंड

* धन उपार्जन केंद्र, बडऩगर रोड

व्यवस्था के निर्देश दिए कलेक्टर ने

कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने नागपंचमी पर्व पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है। उन्होंने सुगम दर्शन, पार्किंग, यातायात, पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।

वर्ष में एक बार पट खुलेंगे नागचंद्रेश्वर मंदिर के 24 घंटे के लिएमहाकालेश्वर मंदिर में सोमवार, 17 अगस्त को नागपंचमी पर्व मनाया जाएगा। महाकालेश्वर मंदिर शिखर के तीसरे तल पर स्थित भगवान नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट 16 अगस्त की रात्रि 12 बजे खुलेंगे और 17 अगस्त की रात्रि 12 बजे तक श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए जाएंगे। पट खुलने के बाद पूजन होगा वहीं बंद होने के पूर्व भी पूजन होगा। भगवान नागचंद्रेश्वर का प्रथम पूजन पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत वीनित गिरिजी द्वारा 16 अगस्त की रात्रि 11.30 बजे से 12 बजे तक पट खुलने के समय किया जाएगा। पश्चात दोपहर 12 बजे शासकीय पूजन तथा संध्या आरती के समय मंदिर के पुजारी एवं पुरोहित द्वारा पूजन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल