हरतालिका तीज पर अमरकंटक में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, नर्मदा समेत नदियों में किया मौनी स्नान

 












अनूपपुर, 14 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में सोमवार को हरतालिका तीज के अवसर पर आस्था का सैलाब देखने को मिला। अमरकंटक में मां नर्मदा सहित जिले की सोन, जुहिला, केवई, अलान, चंदास और तिपान नदियों में श्रद्धालुओं ने मौन रहकर पवित्र स्नान किया। अमरकंटक में नर्मदा स्नान के लिए 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

अमरकंटक में तड़के करीब चार बजे से ही नर्मदा के विभिन्न घाटों पर मौनी स्नान शुरू हो गया था। सुहागिन महिलाओं, युवतियों और अन्य श्रद्धालुओं ने मौन रहकर नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने विभिन्न शिव मंदिरों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की।

पति की लंबी उम्र और मनचाहे वर की कामना

भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरतालिका तीज पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट प्रेम, तपस्या और समर्पण से जुड़ा माना जाता है। सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहा वर पाने की कामना से पूजा करती हैं।

हरतालिका तीज पर मौन रहकर पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा का भी विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं के अनुसार मौन वाणी के संयम, मन की एकाग्रता और पूजा में ध्यान केंद्रित करने का प्रतीक है। इसी भावना के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं ने मौन रहकर मां नर्मदा में स्नान किया।

शिवालयों में हुआ जलाभिषेक

नर्मदा स्नान के बाद महिलाओं और युवतियों ने अमरकंटक के विभिन्न शिवालयों में भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। शिवलिंग पर फूल और बिल्वपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने भगवान शिव और माता पार्वती से पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। नर्मदा मंदिर के अलावा अमरकंठ महादेव, पार्वती मैया, सिद्धेश्वर महादेव, 11 रुद्र महादेव और घंटेश्वर महादेव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिरों में जल, पुष्प और बिल्वपत्र चढ़ाने के लिए श्रद्धालु कतार में खड़े नजर आए। हर-हर महादेव और मां नर्मदा के जयघोष से मंदिर परिसर गूंजते रहे।

50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

अमरकंटक के विभिन्न नर्मदा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रही। दूर-दराज के क्षेत्रों से महिलाएं, युवतियां और अन्य भक्त वाहनों से अमरकंटक पहुंचे। अनुमान के मुताबिक 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने नर्मदा में स्नान कर मंदिरों में दर्शन और पूजा-अर्चना की।

देर तक घाटों और मंदिरों में बनी रही भीड़

समाचार लिखे जाने तक नर्मदा घाटों और मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई थी। नर्मदा की कल-कल धारा, मंदिरों में गूंजता मंत्रोच्चार, शिवलिंग पर चढ़ता जल और बिल्वपत्र तथा शिव-पार्वती के जयकारों से पूरी तीर्थनगरी भक्तिमय नजर आई। हरतालिका तीज महिलाओं के लिए व्रत और पूजा के साथ आस्था, तप, संयम, दांपत्य प्रेम और मंगलकामना का पर्व बना रहा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला