भोपाल में छात्र सुरक्षा पर सख्ती की मांग, एनएसयूआई ने पुलिस कमिश्नर से की उच्च स्तरीय जांच की अपील

 


भोपाल, 06 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भाेपाल के शैक्षणिक संस्थानों में बढ़ती हिंसा, अवैध हथियारों की उपलब्धता और नशे के बढ़ते नेटवर्क को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) का एक प्रतिनिधिमंडल साेमवार काे पुलिस कमिश्नर से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने छात्र सुरक्षा को गंभीर मुद्दा बताते हुए उच्च स्तरीय जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।

एनएसयूआई नेताओं ने बीती रात सेज यूनिवर्सिटीज और एलएनसीटी कॉलेज के छात्रों के बीच हुई फायरिंग की घटना का हवाला देते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, जिसमें दो छात्र घायल हुए। संगठन ने आरोप लगाया कि शहर में ऐसे कई ठिकाने सक्रिय हैं, जहां से छात्रों को आसानी से अवैध हथियार मिल रहे हैं और शिक्षण संस्थानों के आसपास नशे का कारोबार भी तेजी से फैल रहा है।

प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बावजूद छात्रों के हाथों में हथियार पहुंचना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने मांग की कि अवैध हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश कर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून सहित कड़ी कार्रवाई की जाए।

जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान “शिक्षा के मंदिर” हैं, न कि अपराध के अड्डे। उन्होंने संवेदनशील परिसरों में नियमित पुलिस पेट्रोलिंग और अस्थायी पुलिस चौकियों की स्थापना की मांग की।

प्रदेश महासचिव सैयद अल्तमस ने युवाओं को नशे और अपराध से बचाने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक कॉलेज में “छात्र सुरक्षा समिति” का गठन किया जाए, जिसमें छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए।

एनएसयूआई ने अपने ज्ञापन में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई, हेल्पलाइन और क्यूआर कोड की व्यवस्था, छात्रावासों का सत्यापन और जागरूकता अभियान चलाने जैसी मांगें प्रमुखता से रखीं। पुलिस कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जांच और कार्रवाई की जाएगी। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो छात्र हित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे