अनूपपुर: राष्ट्रीय लोक अदालत में 1314 प्रकरणों का निराकरण, 2.73 करोड से अधिक का आर्वाड पारित

 




अनूपपुर, 12 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार को विशेष लोक अदालत में 14 खण्डपीठों में आपराधिक 94, चैक बाउंस 43, क्लेम प्रकरण 13, वैवाहिक प्रकरण 5, विद्युत प्रकरण 405 एवं अन्य 292 एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण 462, इस प्रकार लगभग 1314 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें लगभग 27,388,086/- (दो करोड तिहत्त्र लाख अठासी हजार छियासी रूपयें) की राशि अवॉडिड की गई। साथ ही लोक अदालत में उभय पक्ष ने स्वेच्छा से समझौता कर अपने विवादों का त्वरित एवं सरल समाधान प्राप्त किया।

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अनूपपुर, माया विश्वलाल, के मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर, माया विश्व लाल जी द्वारा मॉ सरस्व ती जी के चित्र पर पुष्पष माला अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।

म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनूपपुर माया विश्वलाल एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अनूपपुर रावेन्द्र सोनी के मार्गदर्शन में विशेष लोक अदालत का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिसमे आपराधिक 94, चैक बाउंस 43, क्लेम प्रकरण 13, वैवाहिक प्रकरण 5, विद्युत प्रकरण 405 एवं अन्य 292 एवं प्रीलिटिगेशन प्रकरण 462, इस प्रकार लगभग 1314 प्रकरणों का निराकरण किया गया। जिसमें लगभग 27,388,086/- (दो करोड तिहत्तंर लाख अठासी हजार छियासी रूपयें) की राशि अवॉडिड की गई।

इस अवसर पर न्याययाधीशगण श्रीकृष्णड डागलिया, चैनवती ताराम, विधि डागलिया, सुधा पाण्डेीय, बॉबी सोनकर, सृष्टि साहू एवं अर्पण चौधरी तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव/व्य3वहार न्यारयाधीश वरिष्ठह खण्डध रावेन्द्र कुमार सोनी, जिला अधिवक्तािसंघ के अध्यिक्ष संतोष सिंह परिहार जिला न्या यालय मुख्याठलय के समस्तड वरिष्ठर एवं कनिष्ठर अधिवक्ता,, लीगल एड डिफेंस कांउसिल के अधिवक्तात, पैरालीगल लीगल वॉलेंटियर्स तथा न्याेयिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

सात साल की लड़ाई, दोस्त दिखा तो लौट आई दोस्ती

जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र के दो कर्मचारियों के बीच पैसों के मामूली लेन-देन को लेकर वर्ष 2019 शुरू हुआ विवाद मारपीट और थाने में रिपोर्ट दर्ज होने तक पहुंच गया। कभी गहरी मित्रता रखने वाले दोनों पक्षों के बीच ऐसी कड़वाहट बढ़ी कि मामला करीब 7 साल तक न्यायालय में चलता रहा। इसी दौरान एक पक्ष का आरोपी इस वर्ष अन्य प्रकरण में जेल चला गया। शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय की मेज पर इस उम्मीद के साथ पहुंचा थे कि जो बात सात साल में नहीं हो सकी, शायद आज हो जाए। कार्यवाही शुरू हुई और आरोपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जैसे ही पुराने दोस्त की नजर स्क्रीन पर जेल में मौजूद अपने मित्र पर पड़ी, वर्षों पुरानी नाराजगी मानो पिघलने लगी। पुरानी मित्रता फिर उमड़ आई और दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अपने-अपने मामलों में राजीनामा कर विवाद को समाप्त करने का निर्णय लिया।

न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा ने दोनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें वर्षों से चले आ रहे विवाद को समाप्त कर आपसी सौहार्द एवं मित्रता के साथ आगे बढ़ने के लिए समझाइश दी। न्यायालय की ओर से किए गए प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच समझौते की राह बनी और अंततः दो मामलों का राजीनामे के माध्यम से अंत हुआ।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला