अनूपपुर: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: कलेक्टर की संवेदनशीलता से पांच बच्चों को मिला नया जीवन, भोपाल में हुई सफल हार्ट सर्जरी

 


अनूपपुर, 08 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बीमार बच्चों को बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए कलेक्टर हर्षल पंचोली संवेदनशीलता का परिचय देते हुए जिले के 5 बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत पांच बच्चों साक्षी, दिव्यांशी, आयुष, संध्या एवं प्रियंका को नया जीवन मिला है।

कलेक्टर के विशेष प्रयासों से जिला स्तर पर चिन्हित किए गए इन बच्चों को त्वरित और निःशुल्क विशेषज्ञ ईलाज के लिए तत्काल भोपाल स्थित चिरायु हेल्थ एंड मेडिकेयर प्राइवेट लिमिटेड रेफर किया गया, जहां हाल ही में इनका सफल उपचार और ऑपरेशन संपन्न हुआ है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी ने सोमवार को बताया कि कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देशों का पालन करते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूरी तत्परता से काम किया। जिला चिकित्सालय के डॉ. मोहन सिंह श्याम, डॉ. वीरेंद्र खेस, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. के.के. बघेल एवं डॉ. एस.एन. पिटानिया के समन्वित प्रयासों से बच्चों के भोपाल जाने से लेकर उनकी जांच और सर्जरी की संपूर्ण प्रक्रिया बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से पूरी हुई। अस्पताल में भर्ती होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा गत दिनों साक्षी, दिव्यांशी, आयुष एवं प्रियंका की जटिल हृदय सर्जरी सफलतापूर्वक की गई।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुछ ही दिन पहले हुई इस गंभीर सर्जरी के बाद अब सभी बच्चे तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं और उनके स्वास्थ्य में निरंतर उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया जा रहा है। डॉक्टरों की देखरेख में बच्चे अब धीरे-धीरे उठने-बैठने और सामान्य रूप से बातचीत करने जैसी हल्की शारीरिक गतिविधियों में सहज महसूस कर रहे हैं, जो उनके तेजी से रिकवर होने का सकारात्मक संकेत है। ऑपरेशन के बाद बच्चों को दर्द और तकलीफ से मुक्ति मिलते देख और उनके स्वास्थ्य में सुधार होता देख, उनके गरीब परिवारों के चेहरों पर जो सुकून और मुस्कान लौटी है, वह जिला प्रशासन के मानवीय प्रयासों की सफलता को बयां कर रही है। इस सफलता में आरबीएसके टीम के चिकित्सकों डॉ. प्रीति जैन, डॉ. कृष्णप्रताप सिंह, डॉ.आशीष कुमार शिवहरे, डॉ.अजय कुमार मंडल, डॉ. राज बहोर साहू सहित वाहन चालक सोनू पनिका एवं अल्लू पाठक का भी सराहनीय योगदान रहा।

आरबीएसके के जिला प्रबंधक डॉ. एस.एन. पिटानिया ने बताया कि सर्जरी के बाद बच्चे अभी डॉक्टरी परामर्श के अनुसार आराम कर रहे हैं और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को पूरी तरह निःशुल्क और उच्च स्तरीय विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराकर उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की नींव मजबूत की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे आरबीएसके टीम के स्वास्थ्य परीक्षण में अपने बच्चों की जांच अवश्य कराएं, ताकि किसी भी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान कर उसका इलाज कराया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला