नरसिंहपुर हाथीनाला केस में बड़ा खुलासा: सड़क हादसा नहीं, पांच युवकों की सुनियोजित हत्या, डॉक्टर समेत आठ गिरफ्तार

 


नरसिंहपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के चर्चित हाथीनाला केस में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया है कि पांच युवकों की मौत सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। पुलिस के अनुसार, वारदात की साजिश करीब एक माह पहले रची गई थी और आरोपियों ने युवकों की लगातार रेकी कर घटना को अंजाम दिया। मामले में एक डॉक्टर समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं।

शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन शाम 5 से 6 बजे के बीच हाथीनाला क्षेत्र में आरोपियों और मृतकों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद रात करीब 8 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर दो हाईवा वाहनों की मदद से युवकों को निशाना बनाया गया। घटनास्थल से मिले ट्रक के टूटे हिस्से और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जांच आगे बढ़ी।

पुरानी रंजिश और अवैध रेत कारोबार बना वजह

पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र लोधी के बीच पुराने विवाद, अवैध रेत कारोबार और आपराधिक गतिविधियों को लेकर लंबे समय से रंजिश थी। आरोप है कि वारदात से पहले आरोपियों ने अलग-अलग स्थानों पर लोगों को निगरानी के लिए तैनात किया था, ताकि युवकों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. अमित खरे और मृतक राजेंद्र लोधी के बीच रुपये के लेनदेन और एक मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) को लेकर विवाद था। पुलिस का आरोप है कि राजेंद्र लोधी डॉक्टर को ब्लैकमेल कर रहा था। इसी विवाद के बाद डॉक्टर ने मुख्य आरोपी आनंद राजपूत से संपर्क किया और कथित रूप से हत्या की साजिश रची गई।

आठ अआरोपी गिरफ्तार, तीन की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में डॉ. अमित खरे, राजा पटेल, अनुज ठाकुर, आनंद लोधी, भारत सिंह, अनिल पटेल, अरविंद्र लोधी और नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। वहीं अनिल, ऋतुराज और प्रीतम अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

पहले सड़क हादसा माना गया था मामला

गौरतलब है कि बीती रविवार, 19 जुलाई को जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर हाथीनाला के पास छह दोस्त पिकनिक मनाकर लौट रहे थे। शुरुआती जांच में पुलिस ने इसे सड़क हादसा माना था। घटना में पांच युवकों की मौत हो गई थी, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हुआ था। प्रारंभिक जानकारी में बताया गया था कि हाईवे किनारे रुके युवकों को तेज रफ्तार हाईवा ने कुचल दिया था। हालांकि, विस्तृत जांच, तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के बाद पुलिस ने अब दावा किया है कि यह हादसा नहीं, बल्कि पूर्व नियोजित हत्या थी। मामले में आगे की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे