नर्मदापुरम के किसानों के मुद्दों पर दिग्विजय सिंह का सरकार पर हमला, बोले- स्लॉट बुकिंग फिर शुरू करे सरकार
भोपाल/नर्मदापुरम, 27 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में किसानों को खाद, गेहूं खरीदी और मूंग समर्थन मूल्य को लेकर आ रही परेशानियों पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने प्रदेश सरकार को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से किसानों के हित में तत्काल हस्तक्षेप कर राहत देने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह ने बुधवार काे कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान अचानक स्लॉट बुकिंग बंद किए जाने से हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह गए हैं। उन्होंने सरकार से स्लॉट बुकिंग दोबारा शुरू करने और खरीदी अवधि बढ़ाने की मांग की।
“खाद के लिए किसान परेशान, सर्वर भी बंद”
दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि जिले में धान फसल के लिए किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। ई-टोकन सिस्टम का सर्वर अधिकांश समय बंद रहने से किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम जिले में करीब 3 लाख किसान हैं, लेकिन खाद वितरण के लिए सिर्फ 6 डिपो बनाए गए हैं। इससे किसानों को लंबी कतारों और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जिले में डीएपी खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यदि डीएपी उपलब्ध नहीं है तो विकल्प के तौर पर एनपीके 12:32:16 खाद तत्काल उपलब्ध कराया जाए।
मूंग खरीदी नीति पर उठाए सवाल
मूंग खरीदी को लेकर भी दिग्विजय सिंह ने सरकार की नीति पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदने की बात कर रही है, जिससे किसानों में असमंजस और चिंता का माहौल है। उन्होंने पूछा कि शेष उत्पादन का क्या होगा और किसानों को उसका उचित मूल्य कैसे मिलेगा। साथ ही खरीदी केंद्रों की संख्या, बारदानों की उपलब्धता और बारिश के मौसम में मूंग खरीदी की व्यवस्थाओं को लेकर भी स्पष्ट नीति जारी करने की मांग की।
पुष्पराज सिंह के पत्र के बाद उठाया मुद्दा
कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष पुष्पराज सिंह ने किसानों की समस्याओं को लेकर दिग्विजय सिंह को पत्र लिखा था। इसी के आधार पर दिग्विजय सिंह ने सरकार के सामने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए त्वरित समाधान की मांग की है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार को किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीरता दिखाते हुए जल्द निर्णय लेना चाहिए, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे