18 दिन में तीन दुर्गम धार्मिक यात्राएं पूरी कर नागदा के युवक ने पेश की मिसाल
नागदा, 09 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के नागदा निवासी मुकेश विश्वकर्मा ने महज 18 दिनों में तीन कठिन धार्मिक एवं पर्वतीय यात्राएं पूरी कर आस्था, साहस और दृढ़ संकल्प का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। बर्फीले रास्तों, कम ऑक्सीजन और दुर्गम पहाड़ी मार्गों को पार करते हुए उन्होंने बुलाकांडा धाम, कैलाश क्षेत्र और श्रीखंड महादेव की यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस दौरान उन्होंने करीब 18 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में तिरंगा भी फहराया। उनकी इस उपलब्धि की नगर में सराहना की जा रही है।
मुकेश विश्वकर्मा ने गुरुवार को हिन्दुस्थान समाचार से चर्चा में बताया कि उन्होंने यात्रा की शुरुआत लगभग 12,778 फीट की ऊंचाई पर स्थित बुलाकांडा धाम से की। इसके बाद करीब 19,865 फीट की ऊंचाई वाले कैलाश क्षेत्र की कठिन यात्रा पूरी की। उन्होंने 18,570 फीट की ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध श्रीखंड महादेव की चुनौतीपूर्ण यात्रा भी सफलतापूर्वक संपन्न की।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान बर्फ से ढके फिसलन भरे रास्ते, संकरे पहाड़ी मार्ग, कम ऑक्सीजन, तीखी चढ़ाई और लगातार बदलते मौसम जैसी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर सभी चुनौतियों को पार कर यात्रा पूरी की।
मुकेश के अनुसार यह यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन, मानसिक दृढ़ता और प्रकृति के प्रति सम्मान का भी महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुई। उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच और मजबूत इच्छाशक्ति व्यक्ति को हर लक्ष्य तक पहुंचाने में सक्षम होती है।
नगर के लोगों का मानना है कि मुकेश विश्वकर्मा की यह उपलब्धि युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें दृढ़ संकल्प और परिश्रम से हासिल करने की प्रेरणा देती है।
हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया