हाईकोर्ट का अंतरिम आदेश: नागदा नपा अध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर रोक
नागदा, 21 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने उज्जैन जिले के नागदा नगर पालिका मामले में अहम अंतरिम आदेश जारी करते हुए अध्यक्ष संतोष ओपी गेहलोत के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगा दी है।
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब तक संबंधित को विधिवत रूप से नगर पालिका अध्यक्ष घोषित करने की अधिसूचना (गजट नोटिफिकेशन) जारी नहीं होती, तब तक वे अध्यक्ष के रूप में किसी भी प्रकार के वित्तीय अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। कोर्ट ने यह भी माना कि इसी प्रकार का मामला पहले से विचाराधीन है, इसलिए सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई छह सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में पार्षद प्रणाली के तहत भाजपा की संतोष गेहलोत नागदा नगर पालिका अध्यक्ष बनी थीं, हालांकि, भाजपा पार्षदों के बीच आपसी विवाद के चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई।
इस मामले में भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री अशोक मावर और कांग्रेस नेता राजकुमार द्वारा उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। याचिका में यह भी तथ्य सामने आया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण अब तक गजट नोटिफिकेशन जारी नहीं हो सका।
हिन्दुस्थान समाचार / कैलाश सनोलिया