विदेशी पक्षियों से गुलजार हुआ व्हाइट टाइगर सफारी

 


मैहर, सतना, 22 फ़रवरी (हि.स.) । मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने रविवार को मैहर जिले के मुकुंदपुर स्थित महाराजा मार्तण्ड सिंह जू देव व्हाइट टाइगर सफारी का निरीक्षण कर वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनके दौरे के दौरान जू में हाल ही में लाए गए विदेशी प्रजाति के रंग-बिरंगे पक्षियों को वॉक-इन एवियरी में प्राकृतिक वातावरण के बीच छोड़ा गया। इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस पहल को संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।

उल्‍लेखनीय है कि नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) सिंगरौली द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) मद से प्रदाय किए गए इन विदेशी पक्षियों को विशेष रूप से तैयार किए गए प्राकृतिक आवास में रखा गया है। अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित वॉक-इन एवियरी में अब रेड स्कारलेट मैकॉ, रेड ग्रीन विंग्ड मैकॉ, सल्फर-क्रेस्टेड कॉकाटू, ब्लू गोल्ड मैकॉ, हैनस मैकॉ, अफ्रीकन ग्रे पैरोट, ग्रैंड इलेक्टस, सन कोनूर, कॉकेटियल्स और लव बर्ड जैसी आकर्षक प्रजातियां पर्यटकों को देखने को मिलेंगी। इन पक्षियों की चहचहाहट और रंगीन उपस्थिति से सफारी का वातावरण और भी जीवंत हो उठा है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने एवियरी का अवलोकन करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल जैव विविधता की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का संकल्प भी है। उन्होंने मुकुंदपुर जू प्रबंधन द्वारा किए जा रहे संरक्षण प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहलें प्रदेश में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देंगी और स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित करेंगी।

इस दौरान मुख्य वन संरक्षक (CCF) राजेश राय, वन मंडल अधिकारी विद्या भूषण मिश्रा और मयंक चंदीवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री को जू में चल रही विकास योजनाओं, पर्यावरणीय संतुलन और वन्यजीवों के स्वास्थ्य प्रबंधन संबंधी जानकारी दी। इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने रीवा जिले के हरिहरपुर में प्राकृतिक खेती के मॉडल का भी अवलोकन किया। उन्होंने किसानों से संवाद कर रासायनिक मुक्त खेती के लाभों पर चर्चा की और इसे टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। श्री शुक्ल ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण और प्राकृतिक खेती दोनों ही प्रकृति के साथ संतुलित विकास की सोच को साकार करते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्‍द्र द्विवेदी