जबलपुर : शक्ति भवन में साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सत्र, कर्मचारियों को डिजिटल ठगी से बचाव के बताए उपाय

 


जबलपुर, 07 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के जबलपुर स्थित शक्ति भवन मुख्यालय में मंगलवार को साइबर सिक्योर-2026 अभियान के तहत साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्य साइबर पुलिस जबलपुर की टीम ने पावर सेक्टर के अधिकारियों और कर्मचारियों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, फिशिंग और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक उपाय बताए।

उप पुलिस अधीक्षक उमाकांती आर्मो के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञों ने डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों और उनसे सुरक्षित रहने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। सत्र में एसएलडीसी के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता, एमपी ट्रांसको के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी डॉ. हिमांशु श्रीवास्तव सहित करीब 150 अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कल्पना धुर्वे ने किया तथा अंत में सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की शपथ दिलाई गई।

साइबर विशेषज्ञ एवं सब इंस्पेक्टर मोहित पांडे ने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र का तेजी से डिजिटलीकरण होने के कारण यह साइबर हमलों के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील बन गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा संबंधी छोटी-सी लापरवाही भी विद्युत व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल संबंधित अधिकारियों और आधिकारिक पोर्टल पर रिपोर्ट करने की सलाह दी।

वहीं साइबर विशेषज्ञ राज शर्मा ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में उभर रहे नए साइबर खतरों की जानकारी देते हुए कहा कि केवल प्रमाणित वेबसाइटों का ही उपयोग करें और संचार साथी जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएं। उन्होंने फर्जी ईमेल, संदिग्ध लिंक और अनजान मोबाइल एप्स से सावधान रहने की अपील की। साथ ही डिजिटल लेनदेन के दौरान पिन, ओटीपी और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करने की सलाह दी।

विशेषज्ञों ने कर्मचारियों को डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम पर आने वाले धमकीभरे कॉल या संदेश से घबराने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करें और आवश्यक होने पर साइबर हेल्पलाइन या पुलिस से संपर्क करें।

कार्यक्रम का उद्देश्य पावर सेक्टर के कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था, ताकि वे कार्यस्थल के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत जीवन में भी साइबर ठगी से स्वयं को सुरक्षित रख सकें। अंत में सभी प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संकल्प लिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक