मप्रः भोपाल में महिलाओं का प्रदर्शन, ‘एक कचौरी-दो समोसा’ के नारे के साथ निकाला पैदल मार्च
भोपाल, 10 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शनिवार देर शाम ‘एक कचौरी-दो समोसा’ के नारे के साथ महिलाओं ने भारत भवन से वन विहार गेट तक पैदल मार्च निकाला। ‘व्हाय लॉइटर कैंपेन’ के ‘वुमन्स सॉलिडेरिटी मार्च’ में महिलाओं ने ‘रानी बेटी के कपड़े नहीं, राजा बेटा सोच बदलो’ और ‘स्त्री आज ही आएगी, अपनी मर्जी से आएगी’ जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शन के जरिए महिलाओं ने मांग की कि भोपाल में महिला पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, ताकि वे सार्वजनिक जगहों पर बिना डर के आ-जा सकें। युवतियों ने कहा कि आजादी पर बंदिशें लगाने के बजाय शहर को उनके लिए सुरक्षित बनाया जाए।
प्रदर्शन में शामिल छात्रा विदुषी शर्मा ने कहा कि उनकी लड़ाई सभी पुरुषों से नहीं, बल्कि महिलाओं पर बंदिशें लगाने, छेड़छाड़ करने और अभद्र टिप्पणियां करने वालों से है। उन्होंने एमपी नगर, डीबी मॉल के आसपास और शहर की अन्य जगहों पर स्ट्रीट लाइट व पुलिस सुरक्षा बढ़ाने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल एक युवती ने कहा कि हम आज बड़ी तादाद में यहां इकट्ठा हुए हैं। यह मार्च महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और रात में बिना डर बाहर निकलने की आजादी के लिए है। इसके जरिए हम सरकार के सामने भी अपनी मांगें रख रहे हैं।
प्रदर्शन में शामिल युवक तनिष ने कहा कि यह प्रदर्शन लड़कों के खिलाफ नहीं, पितृसत्तात्मक सोच के खिलाफ है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सार्वजनिक जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने महिला पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने की मांग की, ताकि महिलाएं रात में भी बिना डर बाहर निकल सकें और सार्वजनिक स्थानों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर