स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर: मंत्री सिलावट
- शक्ति संकुल स्तरीय संगठन की साधारण सभा में शामिल हुए मंत्री तुलसीराम सिलावट
इंदौर, 01 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, उन्हें बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने, कौशल विकास, उद्यमिता, बाजार एवं विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मंत्री सिलावट गुरुवार को इंदौर में ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित शक्ति संकुल स्तरीय संगठन की साधारण सभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष विश्वजीत सिसोदिया, जिला पंचायत सदस्यगण, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्य उपस्थित रहीं।
मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार भी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय बढ़ाने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है। इसका परिणाम है कि आज गांव की महिलाएं केवल परिवार की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे स्वयं उद्यमी बनकर परिवार की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही हैं।
महिला शक्ति ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला
मंत्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब गांव की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सीधा प्रभाव परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जीवन स्तर पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि आज स्व-सहायता समूहों की महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, छोटे उद्योग, सेवा गतिविधियों सहित अनेक क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं। समूहों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा महिलाओं को उत्पादन से लेकरपैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणनतक की गतिविधियों से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विधानसभा क्षेत्र में आजीविका मिशन की उपलब्धियां
कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका मिशन की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि क्षेत्र में कुल 08 संकुल स्तरीय संगठन, 1625 स्व-सहायता समूह में 20 हजार सदस्य मिशन से जुड़े हुए हैं। समूहों एवं सदस्यों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों के लिए शासन से विभिन्न सहायता राशि उपलब्ध करायी गई है।
मंत्री सिलावट ने कहा कि ये आंकड़े केवल संख्या नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में हो रहे बदलाव के प्रतीक हैं। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने तथा समूहों को नए व्यवसाय एवं बाजार से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि प्रत्येक महिला के पास अपनी आय का स्थायी साधन हो और वह अपने परिवार के साथ-साथ गांव के विकास में भी योगदान दे। आत्मनिर्भर महिला, आत्मनिर्भर परिवार और आत्मनिर्भर गांव ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
कार्यक्रम में शक्ति संकुल स्तरीय संगठन की साधारण सभा के दौरान संगठन की गतिविधियों, उपलब्धियों एवं आगामी कार्ययोजना पर चर्चा की गई। महिला सदस्यों ने अपनी आजीविका गतिविधियों एवं अनुभवों की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को संगठित होकर कार्य करने, नए उद्यम स्थापित करने तथा ग्रामीण क्षेत्र में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित किया।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर