मप्र में मानसून की एंट्री में होगी देरी, 20-22 जून के बीच देगा दस्तक, अगले 4 दिन ओले-बारिश का अलर्ट
भोपाल, 01 जून (हि.स.) । मध्य प्रदेश में इस बार मानसून तय समय से कुछ दिन देरी से पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश में मानसून की एंट्री 20 से 22 जून के बीच होने की संभावना है। इस साल जून महीने में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। हालांकि मई माह में प्रदेश ने भीषण गर्मी के साथ-साथ रिकॉर्ड बारिश और ओलावृष्टि भी देखी है।
मौसम विभाग ने बताया कि मई में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई। सामान्य तौर पर मई में करीब 18 मिमी बारिश होती है, जबकि इस बार लगभग सवा इंच पानी गिरा, जो सामान्य से करीब 56 प्रतिशत अधिक है। प्रदेश में जून की शुरुआत भी बदले हुए मौसम के साथ हो रही है। विभाग ने अगले चार दिनों तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
सोमवार को धार और खरगोन जिलों में ओलावृष्टि और तेज बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में आंधी, गरज-चमक, बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। नौतपा के सातवें दिन रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का असर बना रहा। इसका असर तापमान पर भी देखने को मिला और अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। रविवार को शाजापुर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी में सबसे कम 34.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पांच प्रमुख शहरों में तापमान की बात करें तो इंदौर में 36.3 डिग्री, जबलपुर में 36.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.5 डिग्री, उज्जैन में 37.5 डिग्री, भोपाल में 38 डिग्री सेल्सियस, राजगढ़, शाजापुर और नरसिंहपुर को छोड़कर अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। मौसम विभाग के अनुसार जून में वर्षा का प्रतिशत सामान्य से कम रह सकता है। अनुमान है कि इस बार प्रदेश में मानसूनी बारिश औसत का करीब 90 प्रतिशत ही दर्ज होगी। 1 से 4 जून तक जारी पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी और बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत