विदिशाः विश्व कैंसर दिवस पर जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य अधिकारियों ने ली जागरूकता की शपथ

 




विदिशा, 04 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा में बुधवार को विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर श्रीमंत माधवराव सिंधिया शासकीय जिला चिकित्सालय परिसर में कैंसर के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार ने की।

इस अवसर पर उपस्थित चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं कर्मचारियों ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने, समय पर जांच करवाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा तंबाकू एवं अन्य नशे से दूर रहने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि कैंसर की रोकथाम में जागरूकता, प्रारंभिक पहचान और नियमित स्वास्थ्य जांच की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कार्यक्रम में सिविल सर्जन सह-अधीक्षक डॉ. अनूप वर्मा, एनसीडी कार्यक्रम के नोडल ऑफिसर डॉ. प्रदीप गुप्ता जिला क्षय अधिकारी डॉ. समीर किरार तथा प्रभारी जिला मीडिया अधिकारी हेमन्त कुलश्रेष्ठ विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने अपने संबोधन में कैंसर से बचाव के उपाय, लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार की आवश्यकता पर जोर दिया।स्वास्थ्य विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें, नियमित जांच कराएं और किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करें। इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाकर कैंसर के खिलाफ सामूहिक लड़ाई को मजबूत बनाना है।

सीएमएचओ ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण किया, स्वच्छता व लैब व्यवस्था सुधारने के निर्देश

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामहित कुमार ने बुधवार को जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और समग्र स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।

सीएमएचओ डॉ. कुमार ने अस्पताल की लैब का भी निरीक्षण कर वहां संचालित जांचों, उपलब्ध संसाधनों एवं कार्यरत अमले की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए कर्मचारियों को नोटिस जारी करने तथा उनके उस दिन के वेतन काटने के निर्देश दिए गए।

टीबी जांच व्यवस्था की समीक्षा करते हुए पाया गया कि एक लैब तकनीशियन उपलब्ध है। इस पर अन्य कार्यरत लैब तकनीशियन को भी टीबी जांच कार्य में सहयोग देने के लिए लैब प्रभारी को निर्देशित किया गया, ताकि जांच कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए। इसके अतिरिक्त लैब में सामग्री, रिएजेंट एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की भी जानकारी ली गई।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर