विदिशाः दीपावली पर स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने बनाए 16 लाख मिट्टी एवं गोबर के दीपक
- 48 विक्रय केंद्रों के माध्यम से किया विक्रय, समूह सदस्यों को मिली 26 लाख रुपये की अनुमानित आय
विदिशा, 07 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। दीपावली पर्व के अवसर पर जिले के स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने पारंपरिक मिट्टी एवं गोबर के दीपकों का निर्माण कर न केवल भारतीय संस्कृति और परंपरा को बढ़ावा दिया, बल्कि अपने लिए आय अर्जित करने का अवसर भी सृजित किया।
जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को जानकारी दी गई कि जिले में कुल 114 स्व-सहायता समूहों के 386 सदस्यों द्वारा लगभग 16 लाख मिट्टी एवं गोबर के दीपकों का निर्माण किया गया। समूह सदस्यों द्वारा निर्मित इन दीपकों को आमजन तक पहुंचाने के लिए जिले के विभिन्न विकासखंडों में 48 मार्केट प्लेस पर विक्रय स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से दीपकों का विक्रय किया गया, जिससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध हुआ और समूह सदस्यों को सीधे आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
दीपावली पर्व के दौरान इस गतिविधि से प्रत्येक समूह सदस्य को अब तक औसतन 8 हजार से 12 हजार रुपये तक की आय प्राप्त हुई। इस प्रकार जिले के स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को सामूहिक रूप से लगभग 26 लाख रुपये की अनुमानित आय अर्जित हुई है।
इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय संसाधनों के उपयोग से रोजगार एवं स्वरोजगार का अवसर मिला है। साथ ही मिट्टी और गोबर से बने पारंपरिक दीपकों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलने से पर्यावरण अनुकूल उत्पादों के प्रति भी लोगों में जागरूकता बढ़ी है।
स्व-सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन, विपणन और विक्रय की इस गतिविधि ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर