विदिशाः कारगिल विजय दिवस पर कन्या महाविद्यालय में वीर शहीदों को श्रद्धांजलि, एनसीसी कैडेट्स ने किया पौधरोपण
विदिशा, 26 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा में रविवार को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर राजमाता विजयाराजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय में देश के अमर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
14 एमपी बटालियन एनसीसी, विदिशा के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल अंशुभान सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने महाविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया तथा कारगिल के वीर सैनिकों के अद्वितीय शौर्य और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने कारगिल युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, भारतीय सेना के अदम्य साहस, वीरता और राष्ट्रभक्ति पर प्रेरक व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि कारगिल के रणबांकुरों का सर्वोच्च बलिदान प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके शौर्य और कर्तव्यनिष्ठा से युवाओं को राष्ट्र सेवा, अनुशासन और समर्पण की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना की गौरवशाली विजय और वीर शहीदों की स्मृति में मनाया जाता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार ने एनसीसी कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा और अखंडता हमारे वीर सैनिकों के अद्वितीय त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे शहीदों के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का भी संदेश दिया।
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. बी. डी. अहिरवार, नोडल अधिकारी डॉ. मलखान सिंह, प्रो. नीता दीक्षित, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर सभी एनसीसी कैडेट्स ने दो मिनट का मौन रखकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगौरव, देशभक्ति और शहीदों के प्रति कृतज्ञता के भाव के साथ हुआ। उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने संकल्प लिया कि वे राष्ट्रहित के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी निरंतर कार्य करेंगे, जिससे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर