विदिशाः केंद्रीय विद्यालय के स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सम्मान समारोह ने बांधा समां
विदिशा, 18 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा स्थित पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय का स्थापना दिवस शनिवार को हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। विद्यालय परिसर विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, सम्मान समारोह, प्रेरणादायी उद्बोधनों और उपलब्धियों के उत्सव का साक्षी बना।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं गणमान्य नागरिकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही। स्थापना दिवस समारोह ने विद्यालय की गौरवशाली परंपरा, उत्कृष्ट शैक्षिक वातावरण और संस्कारयुक्त शिक्षा की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज के अधिष्ठाता (डीन) डॉ. मनीष निगम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी केंद्रीय विद्यालय के छात्र रहे हैं और उन्हें प्राप्त शिक्षा एवं संस्कारों ने उनके जीवन की सफलता की मजबूत नींव रखी। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, लगन और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समारोह का एक विशेष आकर्षण स्टार प्लस के लोकप्रिय संगीत कार्यक्रम 'दिल है हिंदुस्तानी' की रनर-अप सौम्या शर्मा की संगीतमय प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी मधुर आवाज़ में सत्यम् शिवम् सुंदरम् गीत प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। वहीं विद्यालय के संगीत शिक्षक उदय प्रताप सिंह ने ऐसी लागी लगन भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को भक्तिमय वातावरण प्रदान किया।
विद्यालय के शिक्षक कपिल भार्गव द्वारा केंद्रीय विद्यालय विदिशा पर विशेष रूप से रचित गीत की प्रस्तुति भी समारोह का प्रमुख आकर्षण रही। विद्यालय के इतिहास, गौरव और उपलब्धियों पर आधारित इस गीत को उपस्थित सभी लोगों ने सराहा।
विद्यालय की प्राचार्या गीता भदौरिया ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों की शैक्षणिक, खेल एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विद्यालय के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों के समर्पण, परिश्रम और उत्कृष्ट कार्यों की भी प्रशंसा की तथा अभिभावकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
समारोह के दौरान संभागीय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेता एवं उपविजेता विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि डॉ. मनीष निगम एवं अतिथि कलाकार सौम्या शर्मा द्वारा पदक एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर पूरे विद्यालय परिवार ने गर्व व्यक्त किया।
कार्यक्रम में विद्यालय की स्थापना के समय से अपनी सेवाएं दे रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दौलतराम को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठापूर्ण एवं समर्पित सेवाओं के लिए शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह का अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी क्षण रहा।
इस अवसर पर विद्यालय के स्थापना काल से जुड़े वरिष्ठ शिक्षक आर. के. चौरसिया ने सेवानिवृत्ति के बाद भी अपना भावनात्मक संदेश भेजा, जिसका वाचन शिक्षिका सरोज मीना ने किया। संदेश ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया तथा विद्यालय की गौरवशाली यात्रा और पुरानी स्मृतियों को ताज़ा कर दिया।
वरिष्ठ शिक्षक टी. एन. श्रीवास्तव सहित अन्य शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को प्रेरणादायी संदेश देते हुए उन्हें शिक्षा, संस्कार और उत्कृष्ट चरित्र के साथ जीवन में आगे बढ़ने की शुभकामनाएँ दीं।
समारोह के समापन पर विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं ने गीत, नृत्य एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित सभी लोगों का भरपूर मनोरंजन किया। अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर