विदिशाः कुपोषण, आयुष्मान और स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही पर होगी कार्रवाई- कलेक्टर

 


- कलेक्टर ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में की स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा, चाक चौबंद व्यवस्थाएं बनाए रखने के दिए निर्देश

विदिशा, 01 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के विदिशा में कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने शनिवार को जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आयुष्मान कार्ड, कायाकल्प अभियान, संजीवनी क्लीनिक, सीडीआर एमडीआर रिव्यू और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना सहित स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति तथा आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

कलेक्टर गुप्ता ने बैठक के दौरान कुपोषण मुक्ति अभियान अंतर्गत क्रियान्वित कार्यों के संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में कोई भी बच्चा कुपोषित ना रहे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की आंगनबाड़ियों में यदि कुपोषित बच्चे चिन्हित हैं तो उन्हें एनआरसी वार्ड में भर्ती कराया जाकर शासन की योजनाओं व सुविधाओं का लाभ दिलाने का कार्य करें ताकि वह कुपोषण की श्रेणी से बाहर आकर पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकें। उन्होंने अधिकारियों से संवाद कर जाना कि अब तक आंगनबाड़ी में कितने बच्चे कुपोषित पाए गए हैं और उन्हें एनआरसी वार्ड में भर्ती कराए जाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई भी सीडीपीओ लापरवाही बरतते हैं तो उनका वेतन काटने की कार्यवाही करें। इसके साथ ही कलेक्टर ने एनआरसी वार्ड में तैयार होने वाले भोजन की गुणवत्ता के संबंध में भी निर्देश दिए हैं कि भोजन पूर्ण गुणवत्ता का होना चाहिए इसके लिए उन्होंने फूड सेफ्टी ऑफिसर को नियमित रूप से भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के लिए भी कहा गया है।

कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने विदिशा जिले के विदिशा, बासौदा और सिरोंज नगरीय क्षेत्र में संचालित कुल 9 संजीवनी क्लिनिक में प्रदान की जा रही स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किये जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र में संचालित सभी संजीवनी क्लिनिक नियमानुसार समय पर खुलें, आम नागरिकों को आसानी से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिले पर विशेष ध्यान दें। साथ ही उन्होंने कहा कि संजीवनी क्लीनिक में भी आम नागरिकों की सुविधा के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए जाएं। आगामी बैठक में उन्होंने संजीवनी क्लीनिक में कितने पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं की रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर