मप्र: वीर भारत न्यास ने जीतू पटवारी को भेजा 5 करोड़ का मानहानि नोटिस, 3 दिन में सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम
500 करोड़ की जमीन को लेकर लगाए गए आरोपों पर बढ़ा विवाद, माफी नहीं मांगने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
भोपाल, 04 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा वीर भारत न्यास पर लगाए गए कथित अनियमितताओं के आरोप अब कानूनी विवाद में बदल गए हैं। न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी ने पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजते हुए तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और अपने बयानों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में माफी नहीं मांगने पर उनके खिलाफ न्यायालय में मानहानि का दावा दायर किया जाएगा।
इस संबंध में शनिवार को राजधानी भाेपाल में वीर भारत न्यास की ओर से अधिवक्ता हरीश मेहता और उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने पत्रकार वार्ता कर नोटिस की जानकारी दी। अधिवक्ता हरीश मेहता ने बताया कि कुछ दिन पहले दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने वीर भारत न्यास पर लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपये की लीज पर देने का आरोप लगाया था। साथ ही न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी पर भी कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मेहता ने कहा कि ये आरोप तथ्यहीन और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। इसलिए नोटिस में पटवारी से तीन दिन के भीतर सार्वजनिक रूप से अपने बयान वापस लेने, खेद व्यक्त करने और मीडिया के माध्यम से माफी प्रकाशित करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि पटवारी ऐसा करते हैं तो आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, अन्यथा न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
'छवि धूमिल करने का प्रयास'
अधिवक्ता मेहता ने कहा कि वीर भारत न्यास सभी वर्गों और सभी धर्मों के लोगों के साथ कार्य करने वाला एक सार्वजनिक न्यास है और सचिव श्रीराम तिवारी ने सभी कार्य कानून के दायरे में रहकर किए हैं। उनका आरोप है कि पटवारी के बयानों से न्यास और उसके सचिव की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है।
'न्यास कोई निजी संस्था नहीं'
अधिवक्ता गुंजन चौकसे ने कहा कि वीर भारत न्यास विधिवत पंजीकृत सार्वजनिक न्यास है, कोई निजी संस्था नहीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में गठित इस न्यास के अध्यक्ष पद पर मुख्यमंत्री होते हैं और कांग्रेस शासनकाल में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री ही इसके अध्यक्ष रहे हैं। गुंजन चौकसे ने यह भी कहा कि यदि मानहानि के दावे में राशि प्राप्त होती है तो उनके पक्षकार श्रीराम तिवारी उसे किसी सामाजिक संस्था (एनजीओ) को दान करेंगे।
दिल्ली में क्या बोले थे जीतू पटवारी
गाैरतलब है कि करीब पांच दिन पहले दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि उज्जैन में लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन और भवन वीर भारत न्यास को मात्र एक रुपये की लीज पर दिए गए। उन्होंने दावा किया था कि नियमों की अनदेखी कर एक ट्रस्ट को अनुचित लाभ पहुंचाया गया है। इन आरोपों को वीर भारत न्यास ने पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज किया है।
अब सबकी नजर पटवारी के जवाब पर
मानहानि नोटिस जारी होने के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तीन दिन की समय-सीमा के भीतर जीतू पटवारी नोटिस का क्या जवाब देते हैं। यदि वे सार्वजनिक माफी नहीं मांगते हैं तो वीर भारत न्यास की ओर से उनके खिलाफ अदालत में मानहानि का मुकदमा दायर किया जा सकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे