मप्रः उच्च शिक्षण संस्थानों को गांवों से जोड़ेगा ‘उन्नत भारत अभियान’

 


- प्रदेश के सभी विश्वविद्यालय और महाविद्यालय करेंगे पंजीयन, विद्यार्थियों को मिलेगा ग्रामीण विकास से जुड़ने का अवसर

भोपाल, 14 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा को समाज और ग्रामीण विकास से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की सहभागिता ‘उन्नत भारत अभियान’ में सुनिश्चित की जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा सभी पारंपरिक विश्वविद्यालयों, शासकीय एवं अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों और निजी विश्वविद्यालयों को उन्नत भारत अभियान के पोर्टल पर पंजीयन कर सक्रिय भागीदारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जनसम्पर्क अधिकारी राजेश दाहिमा ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित ‘उन्नत भारत अभियान’ का उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों और शिक्षकों को ग्रामीण समुदायों से जोड़कर समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थी अपने विषय और विशेषज्ञता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को समझते हुए समाधान विकसित करेंगे।

उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत पंजीकृत उच्च शिक्षण संस्थान अपने आसपास के पांच गांवों का चयन करेंगे। इन गांवों में विद्यार्थी और शिक्षक मिलकर स्थानीय समस्याओं का अध्ययन करेंगे तथा ग्रामीण विकास की गतिविधियों में सहयोग देंगे। इससे विद्यार्थियों को ग्रामीण भारत की पारंपरिक समझ, सामाजिक व्यवस्था और स्थानीय आवश्यकताओं को जानने का अवसर मिलेगा।

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, उन्नत भारत अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक संस्थान आईआईटी दिल्ली द्वारा प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों से अधिक से अधिक संख्या में अभियान से जुड़ने का अनुरोध किया गया है। वर्तमान में देशभर के 5 हजार से अधिक प्रतिष्ठित संस्थान इस अभियान के माध्यम से लगभग 24 हजार से अधिक गांवों में कार्य कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत चयनित गांवों के अध्ययन के लिए संस्थानों को आर्थिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर पंजीयन पूर्ण कर अभियान की गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर