महाकाल मंदिर में सुरक्षा को लेकर सांसद उमेशनाथ मुनि ने राज्यसभा में किया ध्यानाकर्षित

 


उज्जैन, 25 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश में राज्यसभा सांसद बालयोगी उमेशनाथ मुनिजी महाराज ने बुधवार को राज्य सभा में सदन का ध्यान आकर्षित करवाया कि उज्जैन स्थित ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर मंदिर की सुरक्षा के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सीआयएसएफ को उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही कहाकि अभी मंदिर में भस्मार्ती दर्शन एवं सामान्य दर्शन के लिए हजारों लोग प्रतिदिन आ रहे हैं। सिंहस्थ-2028 में संख्या करोड़ो में पहुंचेगी। ऐसी स्थिति में मंदिर का सुरक्षा ऑडिट करके यहां सीआयएसएफ को तैनात किया जाना चाहिए। ताकि आधुनिक तकनीक और हथियारों से किसी भी विपत्ति का सामना मंदिर परिसर में सीआयएसएफ द्वारा किया जा सके।

सांसद उमेशनाथजी महाराज ने सदन में कहाकि एक अनुमान है कि प्रतिदिन उज्जैन में 5 लाख औसत श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ये श्रद्धालु महाकाल मंंिदर,शिप्रा नदी तट,काल भैरव, मंगलनाथ, सिद्धवट, सांदीपनि आश्रम आदि जगहों पर जाते हैं। सिंहस्थ-2028 में यह आंकड़ा करोड़ो पर पहुंच जाएगा। ऐसे में शहर,शहरवासियों एवं आनेवाले मेहमानों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती रहेगी। उन्होंने सदन को बताया कि इस समय महाकाल मंदिर में सुरक्षा के नाम पर जिला पुलिस का बल,नगर सेना तथा एक निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मचारी जो कि ठेके पर ही समझो, तैनात है।

मांग की गई कि आने वाले समय को देखते हुए परिसर में सुरक्षा और प्रोटोकॉल का नियमित ऑडिट किया जाए। इसके लिए सीआयएसएफ को तैनात किया जाए। इसी प्रकार पूरे उज्जैन शहर में एआई आधारित स्मार्ट क्राउड एनालेसिस और ड्रोन सर्विलांस की व्यवस्था प्रारंभ की जाए। आपात स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुरक्षित गलियारे से उन्हें निकालने हेतु एनडीआरएफ का स्थाई केंद्र स्थापित किया जाए।

पूर्व में भी हो चुकी है कोशिशपूर्व में सांसद अनिल फिरोजिया भी इस मुद्दे पर जिला प्रशासन और दिल्ली तक पहल कर चुके हैं। बता चुके हैं कि यदि किसी दिन कोई आतंकी हमला हो गया तो कोहराम मच जाएगा। हालांकि इस संबंध में जिला प्रशासन और जिला पुलिस अधिकारियों ने कोई योजना अपनी ओर से पेश नहीं की। सूत्रों का दावा है कि दो वर्ष पूर्व सीआयएसएफ के एक आला अधिकारी उज्जैन आए और कलेक्टर से भेंट की थी। उन्होने भी सेवा देने के लिए प्रस्ताव रखा था,जो नामंजूर हो गया। बताया जाता है कि राज्य सरकार सीआयएसएफ को उतना खर्च देने को तैयार नहीं है,जितना नियमानुसार प्रति सुरक्षाकर्मी बताया गया है। यह लाखों रुपए प्रतिमाह है। जबकि सुरक्षा के जानकारों का कहना है कि मंदिर में करोड़ो रुपए की आय है,ऐसे में सुरक्षा पर खर्च अधिक आना,ऐसा कहना जिम्मेदारी से पल्ला झाडऩे जैसा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल