उज्जैनः महाकाल महोत्सव का आज दूसरा दिन, शिव तत्त्व पर आधारित प्रस्तुति “शिवा” होगी मुख्य आकर्षण
उज्जैन, 15 जनवरी (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान श्री महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन में आयोजित महाकाल महोत्सव 2026 के दूसरे दिन यानी आज गुरुवार को श्री महाकाल लोक में शिव तत्त्व पर आधारित भव्य सांगीतिक प्रस्तुति “शिवा” महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। सायं 7 बजे से आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक संध्या में देश का प्रतिष्ठित समूह द ग्रेट इंडियन कॉयर (मुंबई) द्वारा भगवान शिव के तत्त्व, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना को स्वरबद्ध किया जाएगा। यह प्रस्तुति संगीत, साधना और शिव अनुभूति का अद्भुत संगम होगी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी ने बताया कि वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में उज्जैन में आयोजित पांच दिवसीय महाकाल महोत्सव का उद्देश्य भगवान शिव के तत्त्व, महाकाल की अवधारणा तथा भारतीय संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाना है। इसके अंतर्गत शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं लोक कलात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, कलाकार एवं सांस्कृतिक दल सहभागिता करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी : शिव तत्त्व और महाकाल
महोत्सव के अंतर्गत आज एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसका विषय “शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में” रहेगा। यह संगोष्ठी प्रातः 10:30 बजे त्रिवेणी संग्रहालय में प्रारंभ होगी। संगोष्ठी में विद्वानों द्वारा शोध परक आलेख एवं विचार प्रस्तुत किए जाएंगे, जो शिव परंपरा के दार्शनिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पक्षों को रेखांकित करेंगे।
जनजातीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियाँ
महोत्सव में मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को मंच प्रदान किया जाएगा। आज गोंड जनजातीय गुडुम बाजा अशोक कुमार मार्कों एवं साथी (डिंडोरी), बैगा जनजातीय करमा नृत्य दयाराम एवं साथी (डिंडोरी), बेरेडी नृत्य मनीष यादव एवं साथी (सागर), भील जनजातीय भगोरिया नृत्य मनीष सिसोदिया एवं साथी (धार) जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक जीवन, परंपरा और आस्था की जीवंत झलक देखने को मिलेगी।
कला यात्रा एवं लोक वादन
महोत्सव में आज कला यात्रा के अंतर्गत डमरू वादन दल- मुकेश शास्त्री एवं साथी, उज्जैन द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। यह यात्रा रामघाट–हरसिद्धि पथ–बड़ा गणेश–महाकाल लोक मार्ग पर आयोजित होगी। कला यात्रा का समय अपरान्ह 4 बजे निर्धारित किया गया है।
विशेष सांस्कृतिक संध्या : “शिवा”
श्री महाकाल लोक में आज सायं 7 बजे “शिवा” विषय पर आधारित भव्य सांगीतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। द ग्रेट इंडियन कॉयर (मुंबई) द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम होगा।
श्रीराम तिवारी के अनुसार, श्री महाकाल महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय चेतना, शिव दर्शन और लोक परंपराओं का जीवंत उत्सव है, जो उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेगा। उन्होंने नगर के श्रद्धालुओं, संस्कृति प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से महोत्सव में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर