उज्जैनः ‘अनादि पर्व’ में मटकी नृत्य और कथक ने दर्शकों का मन मोहा
उज्जैन, 03 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ तथा संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत मंगलवार शाम को अनादि पर्व की सांस्कृतिक संध्या पूर्णतः नृत्य केंद्रित रही। शास्त्रीय और लोक नृत्य की सशक्त प्रस्तुतियों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
त्रिवेणी संग्रहालय मंच पर उज्जैन की ऐश्वर्या शर्मा ने कथक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति दी। उनके सधे हुए चरण संचालन, लयबद्ध घुंघरुओं की मधुर ध्वनि तथा सशक्त भावाभिव्यक्ति ने शास्त्रीय नृत्य की गरिमा को प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया। इसके पश्चात रीवा की मनोभावना सिंह ने बघेली लोक गायन प्रस्तुत कर क्षेत्रीय लोक संस्कृति की मधुर छटा बिखेरी।
विक्रम व्यापार मेला स्थित अभियांत्रिकी महाविद्यालय मंच पर उज्जैन की प्रियंका सेन ने पारंपरिक मटकी नृत्य प्रस्तुत किया। संतुलित गतियों, पारंपरिक वेशभूषा और उत्साहपूर्ण प्रस्तुति ने लोक जीवन की सहजता और उल्लास को सजीव कर दिया। इसके उपरांत उज्जैन की मानसी उपाध्याय ने कथक नृत्य प्रस्तुत कर ताल, लय और अभिव्यक्ति का सुंदर समन्वय दर्शाया।
पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों की उत्साही उपस्थिति और तालियों की गूंज ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। ‘अनादि पर्व’ के अंतर्गत प्रस्तुत इन नृत्य कार्यक्रमों ने उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा तथा कला साधना को प्रभावी अभिव्यक्ति प्रदान की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर