सिकल सेल रोग जनजातीय समाज के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती : मंगुभाई पटेल

 














- ओंकारेश्वर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्यमंत्री में विश्व सिकल सेल दिवस पर हुआ भव्य कार्यक्रम

भोपाल, 19 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल रोग केवल स्वास्थ्य की समस्या नहीं, बल्कि विशेष रूप से जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक विकास से जुड़ी गंभीर चुनौती है।

राज्यपाल पटेल शुक्रवार को खण्डवा जिले के ओंकारेश्वर में विश्व सिकल सेल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिकल सेल उन्मूलन को राष्ट्रीय मिशन का स्वरूप दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 का शुभारंभ किया गया। मध्य प्रदेश में इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है।

राज्यपाल पटेल ने बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक एक करोड़ 32 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है और लगभग 95 से 96 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। आगामी दो से तीन महीनों में शेष कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अभियान ने जनजातीय क्षेत्रों में बीमारी के प्रति जागरूकता और सतर्कता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश में एलोपैथिक उपचार के साथ आयुर्वेदिक दवाओं के उपयोग पर भी कार्य किया जा रहा है और इसके प्रारंभिक परिणाम सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने सिकल सेल रोगियों से अपील की कि उपचार में दोनों पद्धतियों का समन्वित उपयोग करें। उन्होंने डिजिटल जेनेटिक कार्ड को विवाह संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह जन्म कुंडली की तरह उपयोगी है और विवाह से पूर्व इसका मिलान आवश्यक है। इससे भावी पीढ़ियों को इस आनुवंशिक बीमारी से बचाया जा सकेगा।

सिकल सेल उन्मूलन मिशन भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आदि शंकराचार्य की तपोभूमि और जननायक टंट्या मामा की कर्मस्थली पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन मिशन से जनजागरूकता बढ़ाकर इस गंभीर बीमारी की रोकथाम की दिशा में देश और प्रदेश मिलकर कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान आने वाली पीढ़ियों को सिकल सेल जैसी घातक बीमारी से बचाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरा परिवार और कई पीढ़ियां इसकी पीड़ा झेलती हैं। इसलिए इसे रोकना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति मुर्मु की उपस्थिति को प्रेरणादायी बताते हुए उनका अभिनंदन किया और कहा कि उनके सान्निध्य में यह संकल्प और अधिक मजबूत हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2023 में शहडोल से शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल मिशन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर जनआंदोलन का रूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में गर्भवती महिलाओं की पहचान कर परामर्श, जेनेटिक कॉउंसलिंग और सिकल सेल कार्ड वितरण जैसे कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। प्रदेश में 3700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ भी जन-जागरूकता के इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां पहले प्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच रही है। आयुर्वेदिक चिकित्सा शिक्षा में भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि खरगौन में क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना कर राज्य सरकार विकास के सभी पैमाने पर आगे बढ़ रही है। वीरांगना रानी दुर्गावती और राजा भभूत सिंह जैसे महान नायकों के नाम पर कैबिनेट बैठकें आयोजित की गई हैं। छिंदवाड़ा में बादल भोई और जबलपुर में राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह संग्रहालय का लोकार्पण किया है। सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करने के लिए जनजातीय पर्व भगोरिया को राजकीय उत्सव का दर्जा दिया गया है। कन्या छात्रावासों के नाम भी जनजातीय नायकों के नाम पर रखे गए हैं। जनजातीय भाई-बहनों का कल्याण और उनका समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि सिकल सेल के खिलाफ यह लड़ाई समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही जीती जा सकेगी। उन्होंने माँ नर्मदा और ओंकारेश्वर महाराज की पावन धरती पर संकल्प लेते हुए कहा कि जब तक सिकल सेल उन्मूलन अभियान पूरी तरह सफल नहीं होगा, तब तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का प्रदेश आगमन के लिए आभार व्यक्त किया।

उप-मुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश ने सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन- 2047 में सबसे अच्छा कार्य किया है। सिकल सेल को जड़ से खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2023 में शहडोल से एक मिशन की शुरुआत की थी। इसे राज्यपाल पटेल के प्रयासों ने और गति प्रदान की है। प्रदेश के जनजातीय बहुल जिलों में अब तक 1 करोड़ 32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। मध्य प्रदेश सिकल सेल एमीनिया की स्क्रीनिंग के मामले में अग्रणी राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के अंत तक 1 करोड़ 60 लाख स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा है। अब कुंडली से पहले सिकल सेल स्क्रीनिंग कार्ड का मिलान किया जाने लगा है। इसके लिए प्रदेशभर में जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, जिससे कोई भी सिकल सेल का वाहक न बने।

राष्ट्रपति मुर्मु ने दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रपति का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 में उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि और अधिकारियों को सम्मानित भी किया।

राष्ट्रपति ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर प्रदेश में संचालित योजनाओं की सराहना की

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ओंकारेश्वर में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन 2047 के अंतर्गत आयोजित विश्व सिकलसेल दिवस-2026 के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी के अवलोकन के दौरान राष्ट्रपति ने सिकलसेल उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्य प्रदेश में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों एवं जन-जागरूकता अभियानों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सिकलसेल रोग की रोकथाम, समय पर जांच, उपचार तथा प्रभावित परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम में आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर डॉ. विजय शाह, धार्मिक न्यास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायकगण सहित जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और सिकलसेल उन्मूलन मित्र उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर