जनजातीय कार्य की सभी परियोजना एवं योजनाओं को मार्च-2027 तक पूर्ण करने के निर्देश

 


- केन्द्रीय सचिव ने की मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा, सांदीपनि विद्यालय पहल की सराहना की

भोपाल, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में जनजातीय कार्य विभाग की सभी परियोजनाओं एवं योजनाओं को मार्च-2027 तक पूर्ण किया जाए। प्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह के लाभार्थियों का पृथक से डाटा तैयार किया जाए। यह निर्देश शुक्रवार को केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा ने भोपाल स्थित मंत्रालय में मध्य प्रदेश जनजातीय कार्य की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार के सांदीपनी विद्यालय की पहल की सराहना की, साथ ही अधोसंरचनात्मक कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने के भी निर्देश दिये।

केन्द्रीय सचिव रंजना चोपड़ा ने पीएम जनमन के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिये सबको पक्का घर, गाँव-गाँव तक सड़क, हर घर नल से जल, मोबाइल मेडिकल यूनिट, छात्रावास, आँगनवाड़ी केन्द्र, वन धन विकास केन्द्र, बहुउद्देश्यीय केन्द्र, हर घर बिजली-ऑनग्रिड एवं ऑफग्रिड एवं मोबाइल कनेक्टिविटी के लक्ष्य और उसकी प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने प्रदेश में किये जा रहे पीएम जन-मन योजना के कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से जनजाति वर्ग को दोहरा लाभ होगा।

केन्द्रीय सचिव ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजनाओं में सेचुरेशन की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने धरती आबा अभियान का लक्ष्य मार्च-2029 तक पूर्ण करने के भी निर्देश दिये। बैठक के दौरान केन्द्रीय सचिव रंजना चोपड़ा को प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. समीता राजौरा ने अनुसूचित जाति-जनजाति की कलाकृति भेंट की।

बैठक में प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, सचिव श्रीमन शुक्ला, अतुल मिश्रा, विशेष गढ़पाले, अपर सचिव वीरेन्द्र कुमार, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचालक आशीष वशिष्ठ, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. सलोनी सिडाना, अपर सचिव दिनेश जैन, मछुआ कल्याण संचालक एम.के. पथरोलिया, कृषि उप संचालक हरीश मालवीय और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर