मप्र: 51 साल पुराने ट्रांसफार्मर को बदला, अब बढ़ेगी बिजली आपूर्ति की क्षमता: ऊर्जा मंत्री तोमर

 


भोपाल, 04 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि पांच दशक तक प्रदेश की बिजली व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहे एवं बदलते दौर के साथ प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति का साक्षी बने सीहोर जिले के इछावर स्थित 132 केवी सबस्टेशन में 20 एम वी ए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को वर्षों तक उसके साथ काम करने वाले एमपी ट्रांसको के कार्मिकों ने भावुक मन से विदाई दी। यह विदाई उस मशीन के प्रति सम्मान का भाव थी, जिसने लगभग 50 वर्षों तक बिजली व्यवस्था में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मंत्री तोमर ने बुधवार काे बताया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने इछावर सबस्टेशन में वर्ष 1975 में भारत बिजली लिमिटेड द्वारा निर्मित 20 एमवीए क्षमता के इस पावर ट्रांसफार्मर के स्थान पर अब 50 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किया है। आधी सदी पहले ऊर्जीकृत हुआ यह ट्रांसफार्मर अपने विभिन्न सब स्टेशनों में लंबे सेवाकाल के दौरान बदलती विद्युत जरूरतों और बढ़ते बिजली भार के बीच प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

कार्मिकों के कौशल और समर्पण का भी रहा योगदान

ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस ट्रांसफार्मर के लगभग पांच दशक लंबे सेवाकाल के पीछे मध्यप्रदेश विद्युत मंडल और बाद में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं मेंटेनेंस कार्मिकों की भूमिका की सराहना करते हुए सभी पुराने और नए कार्मिकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर इसके रखरखाव, तकनीकी देखरेख और आवश्यक मेंटेनेंस के जरिए कार्मिकों ने इसे लंबे समय तक कार्यशील बनाए रखा।

बढ़ी ट्रांसफार्मेशन क्षमता

शांडिल्य ने बताया कि पुराने 20 एमवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर 50 एमवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित होने से इछावर सबस्टेशन की ट्रांसफार्मेशन क्षमता में वृद्धि हुई है। जो अब 60 से बढ़कर 90 एमवीए की हो गई है। इससे क्षेत्र की बढ़ती विद्युत मांग को पूरा करने और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप पारेषण व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

विद्युत प्राधिकरण के निर्धारित मानकों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार सामान्यतः पावर ट्रांसफार्मर की कार्यशील आयु 25 वर्ष मानी जाती है। हालांकि, मध्यप्रदेश विद्युत मंडल, मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल तथा मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं एवं तकनीकी कार्मिकों द्वारा समय-समय पर किए गए प्रिवेंटिव मेंटेनेंस, नियमित परीक्षण और उचित रखरखाव के परिणामस्वरूप यह ट्रांसफार्मर अपनी निर्धारित कार्यशील आयु से दोगुने से भी अधिक, लगभग 51 वर्षों तक विद्युत सेवा में कार्यरत रहा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे