सरकारी नौकरी की ‘वेटिंग’ में अटके शिक्षक, भोपाल में संविदा वर्ग-1 के अभ्यर्थियों ने हवन कर शुरू किया आंदोलन

 


भोपाल, 19 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 में वेटिंग लिस्ट में शामिल सैकड़ों संविदा शिक्षक अभ्यर्थियों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। नियुक्ति की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने पहले हवन किया, फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर के साथ रैली निकालते हुए डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के बंगले तक पहुंचे।

सुबह करीब 11 बजे सभी अभ्यर्थी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाहर एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए डिप्टी सीएम के बंगले की ओर रैली निकाली। प्रदर्शन में अभ्यर्थी पोस्टर-बैनर लेकर पहुंचे और सरकार से जल्द नियुक्ति देने की मांग की। वेटिंग शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज कुमार द्विवेदी ने बताया कि सरकार ने संविदा शिक्षक वर्ग-1 के कुल 8420 पद स्वीकृत किए थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया केवल 2901 पदों तक सीमित रखी गई। इसी वजह से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी वेटिंग लिस्ट में फंस गए। यदि सरकार पदों में वृद्धि कर दे, तो पूरी वेटिंग लिस्ट क्लियर हो सकती है।

दो साल से जारी है संघर्ष

संघ पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 में 2 से 20 अगस्त के बीच चयन परीक्षा हुई थी। तब से अब तक अभ्यर्थी पद वृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री, डिप्टी सीएम और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात के साथ-साथ दंडवत यात्रा जैसे प्रतीकात्मक आंदोलन भी किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ।

58 हजार पद स्वीकृत, फिर भी नियुक्ति नहीं

अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार पहले ही करीब 58 हजार पदों को मंजूरी दे चुकी है। वित्त मंत्री भी इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं, बावजूद इसके विभाग द्वारा पदों में वृद्धि नहीं की जा रही। इसका सीधा असर हजारों शिक्षकों के भविष्य पर पड़ रहा है, जो फिलहाल निजी स्कूलों में पढ़ाने को मजबूर हैं।

‘दो बार परीक्षा पास की, फिर भी नौकरी नहीं’

बैतूल से आई अभ्यर्थी अनिता सूर्यवंशी ने बताया कि उन्होंने दो बार चयन परीक्षा पास की, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं मिली। उन्होंने कहा कि सरकार को योग्य अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति देनी चाहिए।

आंदोलन और तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन का नेतृत्व देवेश पालीवाल, मनोज दंडोतिया, नीरज द्विवेदी और नागूसिंह देवड़ा ने किया। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने पद वृद्धि और सेकेंड काउंसलिंग पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक व उग्र किया जाएगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे