सागरः टीईटी परीक्षा रद्द करने और प्रथम नियुक्ति से वरिष्ठता की मांग को लेकर निर्णायक जंग का ऐलान

 


सागर, 30 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अध्यापक और शिक्षक संवर्ग ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है।

भर्ती के वर्षों बाद आयोजित की जा रही टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को 'अव्यवहारिक' बताते हुए और प्रथम नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की गणना की मांग को लेकर 'अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा' ने प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का शंखनाद किया है।

दरअसल, रविवार को भोपाल के ऐतिहासिक गांधी भवन में प्रदेश के सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न शिक्षक संगठनों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने शिरकत की। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखे और पुरानी सेवा गणना को बहाल करे।

संयुक्त मोर्चा ने अपनी मांगों को मनवाने के लिए तीन चरणों में आंदोलन की रूपरेखा तैयार की है:

प्रथम चरण (8 अप्रैल 2026): प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल धरना प्रदर्शन।

द्वितीय चरण (11 अप्रैल 2026): ब्लॉक स्तर पर धरना और स्थानीय जनप्रतिनिधियों (विधायक/सांसद) को ज्ञापन।

तृतीय चरण (18 अप्रैल 2026): राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय विशाल सामूहिक धरना और शक्ति प्रदर्शन।

इस एकजुटता ने आंदोलन को बड़ी ताकत दी है। बैठक में मुख्य रूप से शामिल होने वाले पदाधिकारियों में भरत पटेल (प्रांतीय अध्यक्ष, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), शिल्पी सिवान (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक संघ), मनोहर दूबे (प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय शिक्षक संघ), जगदीश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ), राकेश दूबे (प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन), परमानंद डेहरिया (प्रदेश अध्यक्ष, NMOPS), डीके सिंगोर (प्रदेश अध्यक्ष, ट्रायबल वेलफेयर एसोसिएशन) शामिल हैं।

बैठक में राकेश नायक, शालिगराम चौधरी और राकेश पटेल सहित सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उपेंद्र कौशल ने किया। सागर संभाग से राममिलन मिश्रा, मनोज नेमा, बलवंत यादव, राकेश राजपूत और धर्मेंद्र दुबे ने इस रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे