मप्रः 3,553 शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों ने 274 सांदीपनि विद्यालयों का किया शैक्षणिक भ्रमण
- स्मार्ट क्लास रूम, प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्था और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के बारे में प्राप्त की जानकारी
भोपाल, 16 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में आयोजित किए जा रहे गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा के दूसरे दिन गुरुवार को प्रदेश के 3,553 शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने 274 सांदीपनि विद्यालयों का विशेष शैक्षणिक भ्रमण किया।
मध्य प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को गुरु के प्रति सम्मान, अनुशासन, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति आस्था और विद्यालयों में सकारात्मक एवं संस्कारमय शैक्षणिक वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से लोक शिक्षण संचालनालय, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा गुरु पूर्णिमा पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है।
इस पखवाड़े के अंतर्गत गुरुवार को भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालयों की आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। शिक्षकों के साथ संवाद कर नवीन शिक्षण पद्धतियों, नवाचारों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को सांदीपनि विद्यालयों का परिचय एवं ओरिएंटेशन प्रदान किया गया।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में उपलब्ध विभिन्न शैक्षणिक सुविधाओं का अवलोकन किया। स्मार्ट क्लासरूम, प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्था और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों को विद्यालयों में अपनाई जा रही नवाचारी शिक्षण पद्धतियों से भी अवगत कराया गया।
शिक्षकों के साथ संवाद और मार्गदर्शन
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने शिक्षकों के साथ संवाद कर शिक्षा, अध्ययन की प्रभावी तकनीकों, अनुशासन, व्यक्तित्व विकास तथा भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें लक्ष्य निर्धारण, नियमित अध्ययन तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी अपने प्रश्न रखे और विभिन्न विषयों पर शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की।
प्रेरक व्याख्यान के माध्यम से नवाचारों की दी जानकारी
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रेरक व्याख्यान में विद्यार्थियों को शिक्षा में नवाचार, रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण तथा आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें नवाचार आधारित शिक्षा के महत्व से परिचित कराया गया तथा सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, रोचक और व्यावहारिक बनाने के विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर