मप्र में राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस पदोन्नति का रास्ता साफ, आठ अधिकारियों के नाम तय
भोपाल, 25 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा के आठ अधिकारियों को भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) संवर्ग में पदोन्नति दी जाएगी। गुरुवार को मंत्रालय में हुई विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक में इन अधिकारियों के नाम तय किए गए। करीब दो माह में अधिसूचना जारी होने के बाद इन्हें आईपीएस संवर्ग आवंटित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के राज्य पुलिस सेवा के नौ अफसरों को आईपीएस अवार्ड करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा की मौजूदगी में हुई डीपीसी की बैठक में गृह विभाग के प्रस्ताव पर विचार विचार किया गया। 1997 बैच के अमृत लाल मीणा का नाम भी बैठक में शामिल किया गया, लेकिन उनके संबंध में निर्णय घोषित नहीं किया गया। मीणा का जाति प्रमाण पत्र मामला छानबीन समिति में लंबित है। साथ ही राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा की पदोन्नति भी अटकने की संभावना जताई जा रही है। वहीं दो अन्य अधिकारी चयन दौड़ से बाहर बताए जा रहे हैं।
बैठक में संघ लोक सेवा आयोग के सदस्य संजय वर्मा के अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, मुख्य सचिव अनुराग जैन, डीजीपी कैलाश मकवाणा और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ल उपस्थित रहे।
राज्य पुलिस सेवा के अफसरों की डीपीसी की बैठक में इस बार 1997 और 1998 बैच के अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया है। राज्य पुलिस सेवा से भारतीय पुलिस सेवा के लिए जिन अफसरों के नाम पर विचार किया गया, उनमें 1997 बैच के सीताराम ससत्या, अमृत मीणा, वर्ष 1998 बैच के निमिषा पांडेय, राजेश मिश्रा, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा सोनी, सुमन गुर्जर, संदीप मिश्रा, सब्यसाची सर्राफ, समर वर्मा, सत्येंद्र सिंह तोमर समेत कुल 27 नाम शामिल हैं। इनमें से सीताराम ससत्या, अमृत मीणा के नाम बाहर होना बताया जा रहा है जबकि राजेश मिश्रा और संदीप मिश्रा की विभागीय जांच के चलते डीपीसी अटक सकती है। इनका लिफाफा बंद रखा है।
आईपीएस संवर्ग में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों में 1997 बैच के सीताराम सस्त्या और 1998 बैच की निमिषा पांडेय, मलय जैन, अमित सक्सेना, मनीषा पाठक सोनी, सुमन गुर्जर, सब्यसाची सराफ और समर वर्मा शामिल हैं। इन अधिकारियों को 2017 बैच आवंटित किया जाएगा। करीब 27 से 28 वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद इन्हें यह पदोन्नति मिलने जा रही है।
राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों की आईपीएस में पदोन्नति को लेकर मध्य प्रदेश में देरी की स्थिति बनी हुई है। बड़े राज्यों में सबसे देरी से पदोन्नति मध्य प्रदेश में ही हो रही है। तेलंगाना सहित कुछ राज्यों में 2010 से 2012 बैच तक के पुलिस अधिकारी पदोन्नत होकर आईपीएस बन चुके हैं। इस वजह से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी पदोन्नति के मामले में राज्य प्रशासनिक सेवा से करीब 10 वर्ष पीछे चल रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर