मप्रः बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र में 10 मुस्लिम परिवारों का सामाजिक बहिष्कार

 


बालाघाट, 03 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश बालाघाट जिले के लांजी थाना क्षेत्र के घोटी–नंदोरा गांव में 10 मुस्लिम परिवारों के सामाजिक बहिष्कार की घटना सामने आई है। आरोप है कि एक हिंदू सम्मेलन में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ दिए गए बयानों के बाद गांव में उनके साथ सभी प्रकार का लेन-देन बंद कर दिया गया, जिससे उनके रोजमर्रा के जीवन और आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

जानकारी के मुताबिक, इस वर्ष जनवरी में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जिसमें मुस्लिम समुदाय से खाना-पीना और लेन-देन बंद करने की अपील की गई थी। इसके बाद से गांव में स्थिति बदल गई और मुस्लिम परिवारों को बहिष्कार का सामना करना पड़ा। इस बहिष्कार के कारण बस चालक आसिफ हुसैन को अपनी स्कूल बस चलाने से रोक दिया गया है, जबकि इलेक्ट्रिशियन सादिक हुसैन पिछले सात दिनों से बेरोजगार हैं, क्योंकि उन्हें कोई काम नहीं मिल रहा है।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि मुस्लिम समुदाय के सदस्य अब किराने का सामान नहीं खरीद पा रहे और नाई भी उन्हें बाल या दाढ़ी कटवाने से मना कर रहे हैं। यह भी आरोप है कि कोटवार द्वारा मुनादी कराकर इस सामाजिक बहिष्कार की घोषणा की गई।

गांव की महिला खैरून निशा ने बताया कि वे सम्मेलन में दिए गए बयानों पर चर्चा करने के लिए गई थीं, लेकिन अब स्थिति पहले जैसी नहीं रही। उनका कहना है कि गांव में पहले सभी समुदाय मिल-जुलकर रहते थे, लेकिन अब बहिष्कार के कारण उन्हें कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि बच्चे स्कूल जाने से डर रहे हैं और महिलाएं भय के माहौल में जी रही हैं।

पूर्व विधायक ने उठाए सवालमामले को लेकर मंगलवार को पूर्व विधायक किशोर समरिते ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने इस सामाजिक बहिष्कार को संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया और केंद्रीय गृह मंत्रालय से मामले की जांच की मांग की है। समरिते ने आरोप लगाया कि गांव के सरपंच, सचिव, जनपद और जिला पंचायत सदस्य इस बहिष्कार का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ धार्मिक स्थानों पर हेट स्पीच भी दी जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस गंभीर मुद्दे पर चुप्प हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर