मप्रः अगस्त में 9.77 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को मिली 10.53 करोड़ रुपये की छूट
भोपाल, 18 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर एवं चंबल संभाग अंतर्गत आने वाले 16 जिलों के स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए अगस्त माह लाभदायक रहा। कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को टाइम ऑफ डे (टीओडी) टैरिफ व्यवस्था के तहत सोलर आवर्स (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) में बिजली की खपत पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट का लाभ दिया जा रहा है।
कंपनी द्वारा शुक्रवार को जानकारी दी गई कि योजना के अगस्त -2026 में कंपनी कार्यक्षेत्र के कुल 9 लाख 77 हजार 400 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिलों में कुल ₹10.53 करोड़ रुपये की छूट का सीधा लाभ मिला। इनमें भोपाल रीजन के 7 लाख 94 हजार 972 उपभोक्ताओं को 7 करोड़ 80 लाख 50 हजार रुपये तथा ग्वालियर रीजन के 1 लाख 82 हजार 428 उपभोक्ताओं को 2 करोड़ 72 लाख 82 हजार रुपये की छूट प्रदान की गई।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक ऋषि गर्ग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधुनिक तकनीक का लाभ उठाते हुए अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं। स्मार्ट मीटर न केवल ऊर्जा प्रबंधन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत पर नियंत्रण रखने और आर्थिक बचत करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने बताया कि टाइम ऑफ डे (ToD) टैरिफ के तहत स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सोलर आवर्स (सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक) बिजली उपयोग करने पर ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर में 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को 20 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। स्मार्ट मीटर से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए उपभोक्ता 1912 पर संपर्क कर सकते हैं अथवा श्री कैलाश कुमार चौधरी, प्रबंधक (स्मार्ट मीटरिंग सेल) से संपर्क कर सकते हैं।
उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे
- ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है।
- बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती।
- ऐप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।
- ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं।
- ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है।
- ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर