नरवर किले से 400 साल पुरानी सिंधियाकालीन तोप की डकैती, 30 हथियारबंद बदमाशों ने उठाई करोड़ों की धरोहर

 


शिवपुरी, 17 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ऐतिहासिक नरवर किले से 400 साल पुरानी सिंधिया राजवंश की एक दुर्लभ तोप हथियारबंद बदमाशों द्वारा लूटे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 30 हथियारबंद बदमाशों ने किले में घुसकर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा गार्डों को जान से मारने की धमकी दी और करोड़ों रुपये मूल्य की ऐतिहासिक तोप वाहन में लादकर फरार हो गए।

बताया जा रहा है कि यह तोप अंतरराष्ट्रीय एंटीक तस्करों के निशाने पर थी और इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय ब्लैक मार्केट में 3 से 5 करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है। घटना के बाद पुलिस और पुरातत्व विभाग में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, करीब 10 दिन पहले बदमाशों ने तोप को उसके निर्धारित स्थान से नीचे गिरा दिया था। यह स्पष्ट संकेत था कि चोरी की तैयारी चल रही है, लेकिन इसके बावजूद पुरातत्व विभाग ने न तो सुरक्षा बढ़ाई और न ही तोप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर बदमाश वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

गार्ड बोले— हमारे पास सिर्फ एक डंडा था

घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मी बाल किशन ने बताया कि बुधवार-गुरुवार की देर रात लगभग 30 हथियारबंद लोग अचानक किले में पहुंचे। सुरक्षा के नाम पर उनके पास केवल एक डंडा था, जबकि रोशनी के लिए टॉर्च तक उपलब्ध नहीं थी। बदमाशों ने घेरकर जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद जान बचाने के लिए उन्हें वहां से भागना पड़ा।

पहले ट्रेलर, फिर पूरी वारदात

5 जुलाई: बदमाशों ने ओपन कचहरी में रखी भारी तोप को नीचे गिरा दिया, लेकिन अत्यधिक वजन के कारण उसे ले नहीं जा सके।

15-16 जुलाई की रात: लोडिंग वाहन और पूरी तैयारी के साथ लौटे तथा तोप उठाकर फरार हो गए।

किले के पिछले दुर्गम रास्ते पर मिले टायरों के निशान इस बात की पुष्टि करते हैं कि तोप वाहन में ले जाई गई।

14 में से अब बचीं 13 तोपें

नरवर किले की ओपन कचहरी में सिंधिया काल की कुल 14 ऐतिहासिक तोपें रखी थीं। इस घटना के बाद अब वहां केवल 13 तोपें बची हैं।

क्यों खास हैं ये तोपें?

ये तोपें पीतल, तांबा, कांसा और अष्टधातु जैसी मिश्रित धातुओं से निर्मित हैं। इन पर सिंधिया राजवंश के राजचिह्न तथा फारसी और देवनागरी लिपि में अभिलेख अंकित हैं। ऐतिहासिक दृष्टि से ये धरोहर अमूल्य हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय अवैध एंटीक बाजार में इनकी कीमत करोड़ों रूपए में आंकी जा रही है।

. एसडीओपी करैरा प्रशांत शर्मा ने कहा कि किले से तोप चोरी के संबंध में एफ आई आर की जा चुकी है एस पी शिवपुरी के निर्देशन के गहनता से जांच की जा रही है, शहर के आसपास के सी सी टीव्ही कैमरे एवं अन्य माध्यमों से जांच जारी है।

राज्य पुरातत्व विभाग के डिप्टी डायरेक्टर तरुण कुमार महोबिया ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। मैं स्वयं नरवर किले का निरीक्षण करूंगा, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और पुलिस अधिकारियों से चर्चा कर तोप की शीघ्र बरामदगी के प्रयास तेज किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / युगल किशोर शर्मा