मप्र : सीहोर जिले में मनेगी महादेव की खास होली, केवल गुलाल और फूल का होगा प्रयोग

 


सीहोर, 01 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में हर साल की तरह इस साल भी कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में काशी, मथुरा और बरसाने की तर्ज पर महादेव की होली खेली जाएगी। इसकी तैयारियां पूरे शहर में की जा रही है।

शहर 5 मार्च को भक्ति और आस्था के अनुपम रंग में रंगने जा रहा है। महादेव की होली इसलिए खास है कि महादेव की होली में केवल गुलाल और फूल का प्रयोग किया जाता है। महादेव की होली में पानी डालना या पानी में घोला गया रंग डालना वर्जित है। क्योंकि शिव भक्त दूर-दूर से आते है, जिनको वापस घर जाने पर दिक्कत होती है इसलिए पानी का प्रयोग वर्जित रहता है। केवल गुलाल और फुल ही प्रयोग किए जाते है।

महादेव की होली शिव और गुरु के साथ खेली जाने वाली होली है, जो ये बताती हे की बड़ो के पास बैठोगे तो जीवन खुशियों के रंग से भर जाएगा। महादेव की होली शिव मंदिर से प्रारम्भ होकर शिव मंदिर पर ही विराम होती है। महादेव की होली सिद्धपुर नगर सीहोर का गौरव है, जिसका इंतजार महिला पुरुष बच्चे बूढ़े सभी को रहता है। महादेव की होली शिव की होली है। महादेव की होली गुरु के साथ पांच शिव मंदिर में होने वाली होली है।

देश भर में महादेव की होली खेलने के लिए तैयारियां शुरू हो गई है। शहर के महादेव मंदिरों में विशेष तैयारियां की जा रही है। शहर के सभी होली समितियों ने अपनी ओर से तैयारियां कर रही है। इसको लेकर पंडित मिश्रा ने सभी देशवासियों को अपने-अपने यहां पर शिव मंदिरों में भगवान शिव को एक लोट चंदन युक्त समर्पित करने को कहा है। इस वर्ष भी आगामी पांच मार्च को नगर पालिका के पास चमत्कालेश्वर महादेव पहुंचेगे, इसके पश्चात अन्य शिव मंदिरों से होते हुए प्राचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर तहसील चौराहे पहुंचेंगे। होली का पर्व शहरवासियों का है, इसमें छावनी, मंडी, गंज, कस्बा सहित अन्य के क्षेत्रवासी पूरी आस्था के साथ महादेव की होली खेलते है।

एक लोटा केसरिया रंग करें भगवान को समर्पित

इस संबंध में संस्कार मंच के मनोज दीक्षित मामा ने रविवार को बताया कि पं. प्रदीप मिश्रा के संदेश के अनुसार होली का एक अपना ही आनंद है। इस वर्ष पूरे देश के साथ शहर में भी महोदव की होली आस्था और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। गुरुदेव के संदेश के अनुसार प्रत्येक शिव मंदिर में मातृ शक्ति के अलावा सभी श्रद्धालु भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना करेंगे। इसके साथ केसरिया रंग एक लोटे में भरकर भगवान को समर्पण करेंगे और उसके बाद पूरे उत्साह के साथ होली का पर्व मनाया जाएगा। पंडित मिश्रा ने कहा कि उत्साह पूरी शांति के साथ मनाए। महादेव की होली में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं पर सिर्फ गुलाल और फूलों से उनका स्वागत करे।

महादेव की दिव्य होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागरण का पर्व है। यह आयोजन पंडित मिश्रा के संदेश और मार्गदर्शन में संपन्न होगा। पंडित मिश्रा के आह्वान के बाद देशभर से श्रद्धालु इस पावन उत्सव में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं। 5 मार्च को सुबह 9 बजे छावनी स्थित चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर से होली की शुरुआत होगी। यहां केसरिया रंग और गुलाल से महादेव के साथ होली खेली जाएगी। इसके बाद शहर के अन्य मंदिर गुप्तेश्वर महादेव, पिपलेश्वर महादेव, नर्मदेश्वर महादेव होते हुए मनकामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेगी। शिव भजनों, ढोल-नगाड़ों और हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजती रहेगी। मनकामेश्वर मंदिर पहुंचकर विशेष आरती के साथ आयोजन का समापन होगा।

हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत