सीहोरः जिले में अचल संपत्तियों की बाजार दरों के पुनरीक्षण पर चर्चा, 1008 लोकेशनों में वृद्धि के प्रस्ताव
सीहोर, 17 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर में मंगलवार को कलेक्टर बालागुरू के. की अध्यक्षता में वर्ष 2026-27 के लिए अचल संपत्तियों के बाजार मूल्य (गाइडलाइन दर) निर्धारण के संबंध में हुई जिला मूल्यांकन समिति की बैठक में मध्य प्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धान्तों के अंतर्गत जिले में भूमि एवं संपत्तियों की वर्तमान बाजार स्थिति की समीक्षा करते हुए विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों की दरों में संशोधन के प्रस्तावों पर विचार किया गया।
बैठक में बताया गया कि केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड, मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा निर्माण लागत दरों का निर्धारण किया जाता है, जो पूरे प्रदेश में प्रभावी रहती हैं। विगत वर्षों में कई स्थानों पर बाजार मूल्य दरों में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई थी, जबकि अनेक स्थानों पर अधिक मूल्य पर दस्तावेज पंजीयन, नई कॉलोनियों का विकास तथा आसपास की कॉलोनियों की तुलना में दरों में अंतर जैसे कारण सामने आए हैं। इन्हीं आधारों को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2026-27 की गाइडलाइन दरों में संशोधन के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। यह प्रस्ताव जिला पंजीयक एवं संबंधित उप पंजीयक कार्यालय में अवलोकन के लिए उपलब्ध है। इन प्रस्तावित दरों के संबंध में आमजन अपने सुझाव 03 दिवसों में कार्यालयीन समय में जिला पंजीयक एवं संयोजक जिला मूल्यांकन समिति जिला सीहोर के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।
उप जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त प्रस्तावों के अनुसार सीहोर, आष्टा, बुधनी, इछावर और दोराहा क्षेत्रों में विभिन्न नगरीय तथा ग्रामीण लोकेशनों की दरों में वृद्धि का सुझाव दिया गया है। सीहोर उप जिला समिति द्वारा चिन्हित 30 नगरीय लोकेशनों में लगभग 10 से 20 प्रतिशत तथा 428 ग्रामीण लोकेशनों में भी 10 से 20 प्रतिशत वृद्धि के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार आष्टा क्षेत्र में नगरीय 88 लोकेशनों में 20 से 70 प्रतिशत तथा ग्रामीण 94 लोकेशनों में औसतन 40 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव है। बुधनी क्षेत्र में कई नगरीय लोकेशनों में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 35 प्रतिशत तक वृद्धि के सुझाव दिए गए हैं।
इछावर उप जिला समिति द्वारा नगरीय 9 लोकेशनों में 30 से 40 प्रतिशत तथा 442 ग्रामीण लोकेशनों में 40 से 50 प्रतिशत तक वृद्धि के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वहीं दोराहा क्षेत्र में चिन्हित 30 लोकेशनों में लगभग 10 से 20 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा कई स्थानों पर युक्तियुक्तकरण एवं विसंगतियों को दूर करने के लिए कुछ लोकेशनों को आपस में विलय (मर्ज) करने के प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि जिले में प्रचलित कुल 4652 लोकेशनों में से 370 नगरीय तथा 4355 ग्रामीण लोकेशन हैं, जिनमें से कुल 1008 लोकेशनों की दरों में वृद्धि के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों का परीक्षण कर अंतिम निर्णय शासन को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगामी वित्तीय वर्ष के लिए संपत्तियों की नई गाइडलाइन दरें निर्धारित की जाएंगी। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह, एसडीएम तन्मय वर्मा, डिप्टी कलेक्टर प्रेमसिंह गौंड़, जिला पंजीयक प्रेम नंदन सहित सभी उप पंजीयन तथा समिति के सदस्य उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर