सीहोरः कलेक्टर ने भैरूंदा एवं रेहटी में मूंग उपार्जन केंद्रों का किया निरीक्षण
- किसानों के नाम पर अवैध रूप से मूंग न बेच पाएं व्यापारी, अधिकारी करें मॉनिटरिंग - कलेक्टर
सीहोर, 05 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. ने बुधवार को भैरूंदा एवं रेहटी के मूंग उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया की पारदर्शिता, गुणवत्ता परीक्षण और किसानों की सुविधाओं का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों एवं केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य पूरी तरह निर्धारित मापदंडों के अनुरूप, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों के नाम पर व्यापारी मूंग का अवैध रूप से विक्रय न कर पाएं, इसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वेयर से अपने सामने गुणवत्ता परीक्षण की पूरी प्रक्रिया कराई। उन्होंने मॉइश्चर की जांच, छोटे-बड़े दानों की छंटाई, मिट्टी एवं अन्य अशुद्धियों को अलग करने की प्रक्रिया का अवलोकन करते हुए कहा कि प्रत्येक किसान की उपज की जांच निष्पक्ष एवं एक समान मानकों के आधार पर की जाए। गुणवत्ता परीक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी केंद्र पर नॉन एफएक्यू उपज की तुलाई नही होनी चाहिए।
उन्होंने सोसायटी प्रबंधक को निर्देश दिए कि किसी भी वेयरहाउस के भरने की स्थिति आने से कम से कम दो दिन पहले जिला उपार्जन समिति एवं संबंधित अधिकारियों को सूचना दी जाए, ताकि समय रहते समीपस्थ वेयरहाउस में वैकल्पिक व्यवस्था कर खरीदी कार्य निर्बाध रूप से जारी रखा जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि बारदानों, क्यूआर कोड, तौल सामग्री एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। सामग्री समाप्त होने की स्थिति आने से पहले ही उसकी आपूर्ति कर ली जाए, ताकि किसानों को इंतजार न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन किसानों के स्लॉट की अवधि समाप्त होने वाली है, उनकी खरीदी को प्राथमिकता दी जाए तथा शेष किसानों की खरीदी उनके निर्धारित स्लॉट के अनुसार की जाए। केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ नहीं लगनी चाहिए और सभी किसानों की उपज का तौल समय पर सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि खरीदी केंद्रों पर पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा करें तथा किसी भी शिकायत का मौके पर ही त्वरित निराकरण सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने किसानों से संवाद करते हुए अपील की कि वे केवल अपने स्लॉट बुकिंग वाले दिन अथवा उससे एक दिन पूर्व ही उपज लेकर उपार्जन केंद्र पहुंचें। कई दिन पहले केंद्र पर पहुंचकर प्रतीक्षा करने से न तो खरीदी जल्दी होगी और न ही कोई अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इससे केवल भीड़ बढ़ती है और किसानों को असुविधा होती है। इसलिए निर्धारित समय पर ही केंद्र पहुंचें और प्रशासन का सहयोग करें।
कलेक्टर ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र किसान की उपज का उपार्जन पूरी पारदर्शिता एवं सुगमता के साथ किया जाएगा। किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उपार्जन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अव्यवस्था पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान भैरूंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह, बुधनी एसडीएम संजीव कुमार नागू, भैरूंदा तहसीलदार सौरभ शर्मा, रेहटी तहसीलदार सपना झिलेरिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर