मप्रः ब्लैकबक-चिंकारा शिकार-तस्करी गिरोह के मुख्य आरोपी की दूसरी जमानत याचिका खारिज

 


भोपाल, 17 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) को वन्यजीव अपराधों के विरुद्ध बड़ी कानूनी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ ने ब्लैकबक (कृष्ण मृग) का अवैध शिकार कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी करने वाले संगठित गिरोह के मुख्य आरोपी आज़ाद सिंह सोलंकी उर्फ चिंटू बना की दूसरी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी है।

जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी की पहली जमानत याचिका 6 फरवरी 2026 को उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ आरोपी की खारिज कर चुकी है। वन्यजीवों के शिकार और तस्करी के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

उन्होंने बताया कि आरोपी को स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, इंदौर ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 तथा भारतीय वन अधिनियम, 1927 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज वन अपराध क्रमांक 237/22 में गिरफ्तार किया था। प्रकरण में 14 नवंबर 2025 को एसटीएसएफ मुख्यालय एवं इकाई भोपाल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को भोपाल-व्यावरा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पीलूखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के समीप घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया था। आरोपी तब से लगातार न्यायिक हिरासत में है। प्रकरण में अब तक कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है तथा मामले की आगे की विवेचना जारी है।

सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने गवाहों के बयानों के आधार पर जमानत की मांग की, जबकि स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं सहायक लोक अभियोजन अधिकारी ने अपराध की गंभीरता तथा वन्यजीव संरक्षण के महत्व का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने आरोपी की दूसरी जमानत याचिका (एमसीआरसी-29129/2026) भी निरस्त कर दी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर