मप्र: स्कूलों में मंगलवार से लौटेगी रौनक, गर्मी की छुट्टी के बाद शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र

 


- स्कूल चलें हम अभियान अंतर्गत द्वितीय चरण में शाला प्रारंभ उत्सव का होगा आयोजन

भोपाल, 15 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सभी स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद मंगलवार, 16 जून से विद्यालयों में फिर से रौनक लौटेगी। विद्यार्थी अपने मित्रों और शिक्षकों से मिलेंगे तथा नए उत्साह के साथ शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागी बनेंगे।

इस अवसर पर समस्त शासकीय विद्यालयों एवं सांदीपनि विद्यालयों में 16 से 30 जून 2026 तक स्कूल चलें हम अभियान के द्वितीय चरण अंतर्गत शाला प्रारंभ उत्सव आयोजित किया जाएगा। इसके अंतर्गत प्री प्राइमरी से 8वीं तक की समस्त स्कूलों में बाल सभा के आयोजन के साथ ही पहले दिन विशेष भोज का आयोजन होगा।

इसके साथ ही शाला में शत-प्रतिशत नामांकन, पुस्तक वितरण, शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, क्रियाशील बालिका शौचालयों की उपलब्धता, पेयजल की उपलब्धता, अभिभावकों का शाला से जुड़ाव जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा 16 जून से शुरू हो रहे नवीन शिक्षण सत्र को लेकर तैयारी भी पूरी कर ली है।

हर बच्चे को स्कूल भेजने का लक्ष्य

शाला में शत-प्रतिशत नामांकन के संबंध में राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित कर प्रत्येक पात्र बच्चे को विद्यालय से जोड़े जाने का लक्ष्य है। इसके लिए ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की सूची तैयार कर मैदानी अधिकारियों एवं शिक्षकों को उपलब्ध कराई गई है।

सोमवार को जारी निर्देशों के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य तथा संकुल प्राचार्य जिला स्तर पर नियमित समीक्षा करेंगे और विद्यालयवार प्रगति सुनिश्चित करेंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश का कोई भी बच्चा स्कूली शिक्षा से वंचित न रहे तथा सभी बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित हो।

इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा हमारे शिक्षक ऐप में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के अंतर्गत प्रमोशन पेंडिंग स्टूडेंट (2025-26 से 2026-27) मॉड्यूल विकसित किया गया है। इस मॉड्यूल में एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर कक्षोन्नति के लिए शेष विद्यार्थियों की सूची संबंधित विद्यालय के शिक्षकों के लॉगिन में प्रदर्शित की गई है। इन सभी छात्रों की कक्षोन्नति की जवाबदारी संबंधित शिक्षकों को सौंपी गई है।

नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों के वितरण के लिए विभाग ने मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। संबंधित पोर्टल पर पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से बीआरसीसी, बीआरसीसी से शाला एवं शाला से छात्र स्तर तक पुस्तकों का वितरण सुनिश्चित किया जाकर इंट्री सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक विद्यार्थी को पाठ्यपुस्तक वितरित कर एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर समय-बद्ध ऑनलाइन प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए।

प्राथमिक स्तर पर सीखने के स्तर में सुधार के लिए राज्य के निर्देशानुसार मैदानी स्तर मिशन अंकुर अंतर्गत विशेष कार्ययोजना तैयार कर एवं एफएलएन सर्वे 2025 के आधार पर बच्चों के कमजोर क्षेत्रों की पहचान कर विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।

विद्यार्थियों की सुविधा एवं स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शिक्षा केन्द्र ने मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि, शाला प्रारंभ होने पर सभी विद्यालयों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, क्रियाशील बालिका शौचालय, रनिंग वॉटर की उपलब्धता, पानी की टंकी की साफ सफाई, आवश्यक मरम्मत एवं जन उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

स्कूलों में अभिभावकों का होगा स्वागत

स्कूल चलें हम'' अभियान के द्वितीय चरण अंतर्गत समस्त शासकीय विद्यालयों में चिन्हित बच्चों का शाला में नामांकन करा कर उनके अभिभावकों का शाला स्तर पर स्वागत किया जाएगा। विद्यार्थियों को शाला प्रदान की जाने वाली सुविधाओं एवं शासकीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। इस दौरान शाला प्रबंधन समिति की बैठकों में नवीन अकादमिक सत्र में नामांकित बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सदस्यों के साथ चर्चा होगी। कलेक्टर द्वारा जिले के विभिन्न विभागों के प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी के अधिकारियों को किसी एक शाला का आवंटन किया जाएगा, जहां वे विद्यार्थियों से चर्चा करेंगे एवं अपने अनुभवों से उन्हें प्रेरित भी करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर