मप्र: संत रविदास की 650वीं जयंती पर चलेगा समरसता अभियान, 18 अगस्त से निकलेगी कलश रथ यात्रा

 


- भोपाल से जिलों के लिए रवाना किए जाएंगे पवित्र कलश, रवीन्द्र भवन में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

भोपाल, 13 अगस्त (हि.स.)। संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश में उनके जीवन-दर्शन तथा समता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय एवं मानवता के संदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से राज्य व्यापी समरसता संकल्प अभियान एवं यात्रा का आयोजन 18 अगस्त से क्रमबद्ध किया जायेगा। अभियान के अंतर्गत प्रदेश, जिला एवं ग्राम स्तर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

जनसंपर्क अधिकारी राजेश बैन ने गुरुवार को बताया कि इस अभियान के प्रभावी एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत ग्रामीण विकास, संस्कृति, पर्यटन, अनुसूचित जाति कल्याण, योजना एवं सांख्यिकी तथा जनजातीय कार्य विभाग सहित कलेक्टर्स और कमिश्नर को निर्देश जारी किए है।

18 अगस्त को जिलों को सौंपे जाएंगे पावन कलश

रवीन्द्र भवन भोपाल में 18 अगस्त, 2026 को प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए पावन कलश रवाना किए जाएंगे। संबंधित जिलों द्वारा कलश प्राप्त करने एवं उसे सम्मानपूर्वक जिला मुख्यालय तक ले जाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

प्रत्येक जिले में कलश रथ यात्रा

समस्त जिला मुख्यालयों पर 20 अगस्त, 2026 को कलश वंदन एवं सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे। पावन कलश, रथ में स्थानीय रविदास मंदिर एवं ग्राम स्तर तक ले जाया जाएगा। प्रदेश के प्रत्येक जिले में 20 अगस्त से 10 सितम्बर 2026 तक निर्धारित मार्ग पर कलश रथ यात्रा आयोजित की जाएगी। यात्रा के मार्ग, पड़ाव, समय-सारणी एवं स्थानीय कार्यक्रमों की कार्ययोजना जिला स्तर पर पूर्व से तैयार करने के लिए कहा गया है।

स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

जिला-स्तरीय, ग्राम-स्तरीय एवं चिन्हित स्थानीय मंदिरों में विविध स्वरुप के आयोजन यथा सामूहिक आरती, गुरुवाणी पाठ, भजन संध्या, समरसता संकल्प तथा अन्य स्थानीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय संतों, गुरुओं, समाज के प्रतिनिधियों एवं नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

समरसता यात्रा

श्री गुरु रविदास महाराज समरसता यात्रा 5 अक्टूबर से 5 नवम्बर , 2026 के मध्य आयोजित होगी। इसमें डेरा सचखण्ड, बल्लन (जालंधर) से प्रारंभ होने वाली यात्रा मध्यप्रदेश राज्य के विभिन्न स्थानों से होकर गुजरेगी। यात्रा के प्रमुख पड़ावों पर यात्रा का भव्य स्वागत, समरसता संकल्प, समरसता गोष्ठी तथा समता, सेवा, सामाजिक न्याय एवं बेगमपुरा के आदर्श समाज संबंधी संदेश पर केंद्रित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

संत संपर्क कार्यक्रम

प्रदेश स्तर पर 18 से 31 अगस्त, 2026 तक संत संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अंतर्गत संतों एवं गुरुओं को अभियान के उद्देश्य एवं गतिविधियों से अवगत कराते हुए विभिन्न सामाजिक समरसता कार्यक्रमों में उनकी सहभागिता के लिए आमंत्रित किया जाएगा।

कार्यक्रम का नोडल एवं समन्वयकर्ता विभाग अनुसूचित जाति कल्याण विभाग एवं जनजातीय जिलों में जनजातीय कार्य विभाग होगा। जिला मुख्यालय/नगरीय क्षेत्रों में नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा योजना , आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग तथा जन अभियान परिषद द्वारा अभियान के संबंध में जन-जागरूकता एवं जनभागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। सांस्कृतिक कार्यक्रम अतंर्गत संस्कृति विभाग द्वारा अभियान से संबंधित सांस्कृतिक गतिविधियों एवं कार्यक्रमों के आयोजन, समन्वय एवं संयोजन की कार्यवाही की जाएगी।

जिला स्तर पर समन्वय

अभियान के लिए कलेक्टर जिला स्तरीय समन्वयक होंगे। कलेक्टर द्वारा संबंधित विभागों , स्थानीय निकायों एवं अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्यक्रमों के सुचारु आयोजन के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कार्यक्रमों के आयोजन में जनप्रतिनिधियों, स्थानीय संतों/गुरुओं, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों, समाजसेवी संस्थाओं तथा नागरिकों की अधिकाधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। अभियान की प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को प्रेषित की जाएगी।

सामान्य प्रशासन विभाग ने निर्देश दिए है कि यात्रा एवं कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सहायता, अग्निशमन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित विभागों/स्थानीय निकायों से समन्वय कर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेष रूप से यात्रा मार्ग एवं प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश है।

समस्त संबंधित विभाग अभियान की गतिविधियों के लिए राज्य स्तरीय एवं जिला स्तरीय नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर अनुसूचित जाति कल्याण विभाग को सूचित करेंगे। प्रत्येक चरण में आवश्यकतानुसार अभियान के सुचारू एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रमुख सचिव , अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अभियान की समीक्षा करेंगे एवं आवश्यकतानुसार निर्देश जारी करेंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत