मप्रः मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म

 


- मुख्यमंत्री ने मानी मांगे, वेतन 20 हजार तक बढ़ाने और दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने का मिला आश्वासन

भोपाल, 06 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार देर शाम मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर मुख्यमंत्री. डॉ. मोहन यादव से सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सफाई कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है।

दरअसल, सफाईकर्मी 10,500 रुपये वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने समेत चार मांगों को लेकर प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी पिछले तीन दिन से हड़ताल पर थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया। इसके बाद भोपाल के कुछ इलाकों में सफाई का काम भी शुरू हो गया। नरेला विधानसभा क्षेत्र में भी सफाई शुरू कर दी गई है।

बताया गया है कि मुख्यमंत्री ने सफाई कर्मचारियों की मांगे मान ली है। सरकार 25 दिवसीय सफाईकर्मियों को विनियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करेगी। इससे उनका वेतन बढ़कर 18 से 20 हजार रुपये हो जाएगा। वहीं, 29 दिवसीय और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। इसके लिए एक महीने में कार्रवाई पूरी करने का आश्वासन दिया गया है।

हड़ताल खत्म होने के बाद भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार सफाईकर्मियों के साथ 10 नंबर मार्केट पहुंचे। यहां उन्होंने सफाई अभियान चलाया। इस दौरान तीनों अधिकारियों ने भी झाड़ू लगाई।

कर्मचारियों की हड़ताल के चलते भोपाल समेत कई शहरों में सड़कों पर कचरे के ढेर जमा हो गए थे। वहीं, शुक्रवार को सफाईकर्मियों ने टैंकरों से पानी की सप्लाई भी बंद कर दी थी। इससे कई इलाकों में पानी का संकट खड़ा हो गया। हड़ताल में नगर निगम के करीब 6 हजार अन्य कर्मचारी भी शामिल हुए थे।

मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि तीन दिन से सफाईकर्मी हड़ताल पर थे। इस वजह से सफाई व्यवस्था बिगड़ रही थी। इसलिए आज यूनियन पदाधिकारियों के साथ बैठक की और फिर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से समय मांगा। मुलाकात में सकारात्मक बातें हुईं। इसके बाद सफाईकर्मी काम पर लौट आए हैं। यह अच्छी बात रही। दिवाली पर शहर अब साफ और स्वच्छ रहेगा।

सफाई कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि पहले मंत्री कृष्णा गौर, महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार के साथ बैठक हुई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की गई। बैठक में मांगों पर सकारात्मक बातचीत हुई। सफाईकर्मियों की मांग थी कि 25 दिन काम करने वालों का वेतन 10,500 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया जाए। अब सरकार इन्हें विनियमितीकरण की प्रक्रिया में शामिल करेगी। इससे उनकी सैलरी बढ़कर 18 से 20 हजार रुपये हो जाएगी। वहीं, 29 दिन काम करने वाले और दैनिक वेतन पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह काम एक महीने में पूरा किया जाएगा। इसकी शुरुआत कल से होगी। इसके लिए बनाई गई कमेटी में यूनियन के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। कर्मचारियों की अनुकंपा नियुक्ति के मामलों पर भी काम किया जाएगा।

भोपाल में हड़ताल का असर पॉश इलाकों से लेकर प्रशासनिक केंद्रों तक दिखाई दिया। मंत्रालय और वल्लभ भवन के आसपास भी कचरा जमा हो गया। चार इमली में कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के बंगले हैं। यहां हनुमान मंदिर और साईं मंदिर के पास भी कचरे के ढेर लगे थे। अटल पथ पर भी सफाई नहीं होने से कचरा फैला था।

भोपाल के अलावा शिवपुरी, विदिशा समेत प्रदेश के कई शहरों में भी हड़ताल का असर रहा। शिवपुरी नगर पालिका के करीब 350 कर्मचारी हड़ताल पर थे। यहां सड़कों और बाजारों में कचरा जमा होने लगा था।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर