मप्र में मजबूत हो रहा सड़क नेटवर्क, विजन 2047 के तहत 1.05 लाख करोड़ के रोड नेटवर्क की योजना तैयार

 


- नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और फोरलेन मार्ग प्रदेश की कनेक्टिविटी को देंगे नई गति: मंत्री राकेश सिंह

भोपाल, 02 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को व्यापक और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर एक साथ काम किया जा रहा है। नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, फोरलेन मार्ग और रिंग रोड के माध्यम से प्रदेश के प्रमुख शहरों को देश के बड़े आर्थिक, औद्योगिक और धार्मिक केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य बेहतर आवागमन के साथ व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।

मंत्री राकेश सिंह ने बुधवार को एक बयान में बताया कि वाराणसी-विशाखापट्टनम कॉरिडोर के प्रथम चरण में वाराणसी से नागपुर तक कनेक्टिविटी विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके अंतर्गत मध्य प्रदेश में जबलपुर-रीवा से लेकर उत्तरप्रदेश सीमा तक और दक्षिण में नागपुर तक मार्ग का निर्माण किया जाएगा। इससे महाकौशल और विंध्य सहित मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से को उत्तर प्रदेश और आगे महाराष्ट्र से बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित अशोकनगर-सागर-जबलपुर-नागपुर फोरलेन मार्ग तथा सागर-कोटा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के माध्यम से मध्यप्रदेश की राजस्थान और गुजरात की दिशा में कनेक्टिविटी मजबूत होगी। सागर-कोटा कॉरिडोर एनएचएआई की कार्ययोजना में शामिल है।

मध्य प्रदेश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने के लिए जबलपुर-भोपाल-इंदौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की योजना भी महत्वपूर्ण है। जबलपुर से भोपाल तक का मार्ग एमपीआरडीसी तथा भोपाल से इंदौर तक का मार्ग एनएचएआई द्वारा विकसित किया जाना प्रस्तावित है। इसके पूर्ण होने से प्रदेश के तीन प्रमुख शहर एक तेज और मजबूत नेटवर्क से जुड़ेंगे तथा इंदौर-उज्जैन के माध्यम से दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डीएमआईसी तक बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इसी क्रम में खंडवा (आशापुर)- नर्मदापुरम-जबलपुर-रीवा/सतना कॉरिडोर की तैयारी भी की जा रही है। यह मार्ग पश्चिमी मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की दिशा में कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा।

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि इन परियोजनाओं को अलग-अलग सड़क कार्यों के रूप में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के समग्र कनेक्टिविटी नेटवर्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। रिंग रोड और विभिन्न दिशाओं से जुड़ने वाले कॉरिडोर भविष्य में लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज, ट्रांसपोर्ट टर्मिनल, कृषि-प्रसंस्करण केंद्र और औद्योगिक क्लस्टर के विकास का आधार बन सकते हैं।

उन्होंने कहा कि अच्छी सड़क केवल यात्रा को आसान नहीं बनाती, बल्कि उद्योग, व्यापार, निवेश और रोजगार का रास्ता भी खोलती है। मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क से जोड़ने का यह अभियान प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम द्वारा अनेक महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण की जिम्मेदारी ली जा रही है। इससे प्रदेश में सड़क अधोसंरचना के विकास के लिए संस्थागत क्षमता मजबूत होगी और राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के साथ राज्य की अपनी कनेक्टिविटी परियोजनाओं को भी गति मिलेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर