नदियाँ जीवनदायिनी हैं, उनका संरक्षण जरूरी : प्रह्लाद पटेल
इंदौर, 27 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल ने कहा कि प्रदेश नदियों का मायका है। यहाँ करीब 700 नदियों का उद्गम है। नदियाँ जीवनदायिनी है, वे हमें जल के साथ जीवन भी देती है। अत: नदियों का संरक्षण जरूरी है।
मंत्री पटेल शनिवार को इंदौर में एक टीवी चैनल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अपना संबोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सभी नदियों में वर्षभर शुद्ध जल प्रवाहित होता रहे, इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। नदियों को प्रदूषण से बचाएं। बड़ी संख्या में पौधारोपण कर पर्यावरण को बेहतर बनाएं। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत कुएं, बावड़ियों की विशेष साफ-सफाई की जा रही है। साथ ही तालाबों और कुँओं का गहरीकरण भी किया जा रहा है।
मंत्री पटेल ने कहा कि नदियों के उद्गम स्थल पर जाना और उनकी परिक्रमा करना मेरी रुचि का विषय रहा। उन्होंने कहा कि अब तक 113 नदियों के उद्गम स्थल तक गया हूँ और दो बार नर्मदा नदी की परिक्रमा भी की है। इससे जो अनुभव मिला वह जीवन में बहुत उपयोगी साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश ने विकास ने नये आयामों को स्पर्श किया है। मध्यप्रदेश में 12 लाख से अधिक लखपति दीदियां बन चुकी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में लाखों लोगों को पक्की छत मिल चुकी है। श्रम कानूनों में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे श्रमिकों को सुरक्षा और उनका पारिश्रमिक पर विशेष ध्यान गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है। छोटे-छोटे कस्बों में भी विकास कार्य हो रहे है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर सड़क, पानी, बिजली आदि क्षेत्रों में विकास के कार्य किए जा रहे है। सबकों रोजगार मिले और उनका जीवन बेहतर हो, राज्य शासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे है।
युवा हमारी आशा और आकांशाओं का केन्द्र है उसे सही दिशा दें: विश्वास सारंग
कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश में युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए नई-नई योजनाएं बनाई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलों इंडिया के तहत ऐसी खेल नीति बनायी गई है, जिससे युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के सर्वाधिक अवसर प्राप्त हो। इस कार्य को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूरी इच्छाशक्ति और उत्साह के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
मंत्री सारंग ने कहा कि कुछ समय पूर्व खेलों के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश में 16वें स्थान पर था, जो अब तीसरे स्थान पर आ गया है, यह एक बड़ी उपलब्धि है। आज 18 खेलों की 11 एकेडमी संचालित हो रही है। प्रदेश में वाटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी के लिए अच्छा वातावरण है। भोपाल में बड़ी-बड़ी लेक है। आने वाले समय में भोपाल में अंतरराष्ट्रीय स्तर की पानी में होने वाली स्पर्धाएं आयोजित की जाएगी। साथ ही हर विधानसभा क्षेत्रों में खेल गतिविधियां होगी।
उन्होंने कहा कि युवा हमारे प्रदेश और देश की आशा और आकांशा है और इसे सही दिशा देने के लिए राज्य शासन लगातार कार्य कर रही है। स्वरोजगार के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे है। प्रदेश का युवा जॉब क्रिएटर बनेगा तो इससे भारत भी आत्मनिर्भर बनेगा। को-ऑपरेटिव और कार्पोरेट दोनों मिलकर युवाओं को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य है, जहाँ मेडिकल की पढ़ाई हिन्दी भाषा में हो रही है। आने वाले दिनों में मेडिकल की पढ़ाई हिन्दी सहित 11 भाषाओं में होगी।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएं है। प्रदेश में इन्वेस्टर समिट में केवल एमओयू ही साइन नहीं होते है, बल्कि उन्हें जमीन पर भी उतारा जाता है। निवेशकों को जमीन के साथ कई तरह की सुविधाएँ प्रदान की जाती है और उनकी आवश्यकताओं का समाधान सिंगल विंडों के माध्यम से किया जाता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर