रीवाः भारी बारिश से कई इलाके हुए जलमग्न, उप मुख्यमंत्री ने क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का लिया जायजा

 




- पीड़ित परिवारों के घरों तक पहुंचकर जलभराव से हुए नुकसान का किया प्रत्यक्ष अवलोकन

भोपाल, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बीते दिवस हुई मूसलाधार बारिश के चलते रीवा नगर निगम क्षेत्र के कई निचले और प्रमुख मोहल्लों में बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए। बारिश का पानी रिहायशी इलाकों में पहुंचने से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि, बारिश थमने के बाद अब जलस्तर में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। ​स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मुस्तैद हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने शुक्रवार को स्वयं जलमग्न क्षेत्रों में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ प्रभावित मोहल्लों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों के घरों तक पहुंचकर जलभराव से हुए नुकसान का प्रत्यक्ष अवलोकन किया। ​

प्रभावितों से संवाद करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने उन्हें ढाढ़स बंधाया और कहा कि शासन और प्रशासन पूरी तरह से आपके साथ खड़ा है। आम जनता की हर कठिनाई को दूर किया जाएगा। प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न राहत शिविरों का निरीक्षण कर वहां ठहराए गए प्रभावित लोगों से बातचीत की और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ​जलभराव वाले मोहल्लों से अविलंब पानी निकासी सुनिश्चित की जाए। ​राहत शिविरों में भोजन, शुद्ध पेयजल और चिकित्सा सुविधाओं का पर्याप्त प्रबंध रहे। बचाव और राहत कार्यों की गति तेज कर हर जरूरतमंद तक मदद पहुंचाई जाए।

उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रशासन की टीमें हर आपात स्थिति से निपटने के लिए निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाओं के लिए जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित है। आम जन किसी भी आपात स्थिति में होने पर कंट्रोल रूम में सम्पर्क कर सकते हैं। कंट्रोल रूम का दूरभाष नम्बर 07662-255143 है, यह हर समय सक्रिय है। इसके अलावा नगर निगम क्षेत्र रीवा में भी कंट्रोल रूम सक्रिय है। नगर निगम का टोल फ्री नंबर 18008899711 है। इसके अलावा लैंडलाइन नंबरों 07662-254568, 07662-320105, 07662-310346, 07662-320150 और 07662-320329 पर भी संपर्क किया जा सकता है। शहरवासी वर्षा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या आपात स्थिति बनने पर बिना देरी किए इन नंबरों पर सूचना दें, ताकि रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू कर सके।

लक्ष्मणबाग गौशाला का किया निरीक्षण, गौवंशों की सुरक्षा के दिए निर्देश -

गत दिवस हुई बारिश से लक्ष्मणबाग गौशाला में भी जल भराव हुआ, जिसके कारण गौवंशों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लक्ष्मणबाग गौशाला का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिसर में जलभराव वाले हिस्से में कोई भी गौवंश न रहे। संबंधित अधिकारी और गौशाला प्रबंधक सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट की गई गायों के लिए पर्याप्त भोजन और हरे चारे की व्यवस्था कराएं। ​बारिश के कारण किसी भी संक्रमण या बीमारी से बचाने के लिए गौवंशों के स्वास्थ्य परीक्षण और त्वरित उपचार के प्रबंध कराएं। उप मुख्यमंत्री ने गौवंशों को गुड़ खिलाया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

विधायक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा

वहीं, रीवा जिले के त्योंथर क्षेत्र में टमस नदी का जल स्तर बढ़ा होने के कारण कई गांवों में निचली बस्तियों में पानी भर गया है। जल भराव से लगभग 309 गांव प्रभावित हैं। इन गांवों में 6 हजार से अधिक घरों में जल भराव का असर है। त्योंथर तहसील में 16 राहत शिविरों में 169 बाढ़ प्रभावित लोगों को आश्रय दिया गया है। सभी राहत शिविरों में भोजन, पानी, बिजली तथा दवाओं की नि:शुल्क व्यवस्था की गई है।

विधायक सिद्धार्थ तिवारी राज, कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरूकरण सिंह ने शुक्रवार को त्योंथर और आसपास के जल भराव से प्रभावित गांवों का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। विधायक तथा अधिकारियों की टीम सबसे पहले ग्राम महेबा शंकरपुर पहुंची। मौके पर क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण करने के साथ आम जनता से भेंट कर स्थिति की जानकारी ली गई। विधायक ने कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार हर संभव सहायता देगी। पानी उतरते ही पूरे गांव का सर्वे कराया जाएगा। जल भराव से प्रभावित व्यक्तियों को उचित राहत राशि दी जाएगी।

इसके बाद विधायक, कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक ने त्योंथर नगर पंचायत क्षेत्र की पचामा बस्ती का दौरा किया। टमस नदी का जल स्तर बढ़ने से पचामा में बसोरन बस्ती में लगभग दो से चार फुट तक जल भराव हो गया है। विधायक तथा अधिकारियों ने मोटरबोट से प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया तथा पीड़ितों से भेंट की। इसके बाद सभी ने विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय में बनाए गए राहत केन्द्र का निरीक्षण किया। पीड़ितों ने बताया कि उन्हें भोजन, पानी, बिजली, दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राहत केन्द्र की व्यवस्थाएं नगर पंचायत त्योंथर द्वारा की जा रही हैं।

कलेक्टर ने आम जनता से संवाद करते हुए कहा कि पीड़ितों को हर संभव सहायता दी जाएगी। प्रशासनिक अमला प्रभावित क्षेत्रों का लगातार दौरा कर रहा है। संकट की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। कलेक्टर ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल भराव समाप्त होते ही तत्काल सर्वे शुरू करा दें। संवेदनशीलता के साथ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करें। जल भराव से क्षतिग्रस्त मकान, फसल तथा अन्य परिसम्पत्तियों का भलीभांति निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट तैयार करें। शासन के मापदण्डों के अनुसार सभी प्रभावितों को उचित राहत राशि दी जाएगी। जल भराव के कारण कई घरों में अनाज तथा अन्य भोजन सामग्री खराब हुई है। जिला आपूर्ति अधिकारी इनके लिए खाद्यान्न की व्यवस्था करें। मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जल भराव की समस्या समाप्त होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल साफ-सफाई कराएं। जल भराव से प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल टीम का भ्रमण कराकर पीड़ितों को उपचार की सुविधा दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर