मप्रः उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की रीवा विधानसभा में जल जीवन मिशन कार्यों की समीक्षा

 


- नल-जल योजनाओं का कार्य 26 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूरा करें - उप मुख्यमंत्री

रीवा, 22 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने गुरुवार को रीवा विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजनाओं के निर्माण की समीक्षा की।

रीवा के सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उप मुख्यमंत्री ने कहा कि रीवा विधानसभा के 23 ग्रामों की विस्तारित योजना की प्रशासकीय स्वीकृति शासन द्वारा 3 अक्टूबर 2023 को दी गई थी। पीएचई विभाग की लापरवाही के कारण अभी तक नए कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत तीन साल में कार्य शुरू न होने की जाँच करके दोषियों के विरूद्ध समुचित कार्रवाई करें। जिन नल-जल योजनाओं का कार्य पूरा हो गया है उन्हें ग्राम पंचायतों को हैंडओवर कराकर उनका नियमित संचालन कराएं, जिससे प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुसार हर घर को नल से स्वच्छ जल मिल सके।

बैठक में उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सरपंचों को 'सुमन पंचायत' बनाने का अनूठा सुझाव दिया। उन्होंने सरपंचों से कहा कि वे अपने-अपने पंचायत क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र का भ्रमण करें। गर्भवती महिलाओं की सभी जांचें समय पर हों, प्लेटलेट्स की जांच की जाए और ग्राम पंचायत को कुपोषण मुक्त बनाने के प्रयास किए जाएं, क्योंकि ऐसा करने पर शासन द्वारा एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही, जो ग्राम पंचायतें जल जीवन मिशन का बेहतर संचालन करेंगी, रीवा विधानसभा क्षेत्र की उन प्रत्येक ग्राम पंचायत को 5-5 लाख रुपये तक की विधायक निधि दी जाएगी।

बैठक में बताया गया कि 22 जून 2026 को नई एसओआर दरें लागू होने के बावजूद जनपद के ग्रामीण विकास के उपयंत्री इसमें रुचि नहीं ले रहे हैं। सरपंचों ने जिला पंचायत सीईओ को अवगत कराया कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं के कनेक्शनों की सूची ग्राम पंचायत को उपलब्ध नहीं कराई गई है, जिससे जलकर की राशि नहीं वसूली जा पा रही है। इस संबंध में जिला पंचायत सीईओ सृष्टि देशमुख ने कहा कि पीएचई विभाग के अधिकारी पूर्ण नल-जल योजनाओं की सूची एक सप्ताह में अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। नए नियमों के अनुसार, पानी समिति के गठन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी और पानी समिति के अध्यक्ष सरपंच होंगे। एकल योजना में नल-जल के संचालन एवं संधारण की पूर्ण जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी तथा हर घर से 100 रुपये जल कर राशि वसूली जाएगी।

बैठक में योजना प्रभारी राजेश पांडेय ने ग्रामवार जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में जनपद सीईओ पूनम दुबे, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, आरईएस के सहायक यंत्री, उपयंत्री तथा 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव और संविदाकार उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर