राजस्व एवं पुलिस अधिकारी समन्वय के साथ करें कार्य: संभागायुक्त

 


भोपाल, 24 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा एवं भोपाल रेंज (देहात) पुलिस महानिरीक्षक रूचिवर्धन मिश्र ने शुक्रवार को सीहोर में राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने कहा कि राजस्व एवं पुलिस अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर तालमेल के साथ कार्य करें। कानून एवं शांति व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के प्रारंभिक संकेतों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए तथा आवश्यकता अनुसार संयुक्त भ्रमण कर स्थानीय परिस्थितियों की जानकारी ली जाए।

उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोटवार एवं पटवारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है, इसलिए उनके माध्यम से क्षेत्रीय सूचनाएं प्राप्त कर सूचना तंत्र को और मजबूत किया जाए।

पुलिस महानिरीक्षक रूचिवर्धन मिश्र ने निर्देश दिए कि चिन्हित अपराधियों और असमाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाए। आगामी त्योहारों एवं विशेष अवसरों को ध्यान में रखते हुए आवश्यकतानुसार प्रतिबंधात्मक एवं बॉण्ड ओवर की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही समय समय पर थाना स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की जाएं।

उन्होंने कहा कि पुलिस एवं राजस्व अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहकर छोटी से छोटी गतिविधियों की जानकारी रखें और समय पर कार्रवाई करें। उन्होंने आज के समय में सोशल मीडिया त्वरित सूचनाओं का सबसे सशक्त माध्यम है, इसलिए सोशल मीडिया की सभी गतिविधियों पर नजर बनाए रखें।

बैठक में कुबेरेश्वर धाम में आयोजित होने वाले गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से सुनिश्चित की जाएं।

सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. तथा एसपी सोनाक्षी सक्सेना ने कुबेरेश्वर धाम के आयोजन के संबंध में की गई व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी। बैठक में अधिकारियों ने जिले की कानून व्यवस्था से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक रणनीति पर विचार-विमर्श किया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी संवेदनशील स्थानों पर सतत निगरानी रखते हुए आमजन में सुरक्षा का वातावरण बनाए रखें।

उत्कृष्ट कार्य संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता- संभागायुक्त

भोपाल संभाग आयुक्त कर्मवीर शर्मा ने सीहोर जिला पंचायत सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचारों को बढ़ावा देने तथा आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ समय पर प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे, यह सभी अधिकारियों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी स्थिति में अपात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ नहीं मिलना चाहिए तथा पात्र हितग्राही किसी कारण से वंचित न रहें।

बैठक में कलेक्टर बालागुरू के. और जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने जिले में संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के बारे में संभागायुक्त को जानकारी दी। संभाग आयुक्त ने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी अपने-अपने विभागों की नियमित समीक्षा करें तथा कार्यों की प्राथमिकता स्वयं निर्धारित करते हुए समयबद्ध ढंग से लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट कार्य संस्कृति विकसित करना समय की आवश्यकता है। प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाएं और उसके अनुरूप नियमित मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। अधिकारी जनसुनवाई, क्षेत्रीय भ्रमण तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें, ताकि लोगों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।

बैठक में संभाग आयुक्त ने जिले में संचालित योजनाओं एवं नवाचारों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को हमेशा नए विचारों के साथ कार्य करना चाहिए। प्रदेश के जिन जिलों में किसी क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं प्रभावी कार्य हुए हैं, उनका अध्ययन कर उन नवाचारों को अपने जिले में भी लागू करने का प्रयास किया जाए। उन्होंने उद्यानिकी क्षेत्र के विस्तार पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिले में उद्यानिकी फसलों का रकबा बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। किसानों को फल एवं फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके और कृषि का विविधीकरण भी बढ़े। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभागीय योजनाओं का समुचित लाभ किसानों तक पहुंचाया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर