चंदेल-बुन्देला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता से किया जाए: मंत्री कुशवाह

 


- मंत्री कुशवाह द्वारा निवाड़ी जिले की विकास योजनाओं की समीक्षा

भोपाल, 06 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण तथा निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत निवाड़ी जिले में स्थित चंदेल-बुंदेला कालीन जल संरचाओं का जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। साथ ही अमृत सरोवरों का विकास और जीर्णोद्वार कार्य को भी प्राथमिकता दी जाए।

मंत्री कुशवाह ने यह निर्देश सोमवार को निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले में संचालित सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण किए जाए। उन्होंने कहा कि निवाड़ी जिले में नवीन कलेक्ट्रेट भवन सहित अन्य विभागों के भवनों का निर्माण कार्य प्राथमिकता से कराया जाए। निर्माण कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण के लिए निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मौका मुआयना करें। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य सेवाऐं को सुदृढ़ बनाने और संजीवनी क्लिनिक कार्य भी पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।

मंत्री कुशवाह ने कहा कि निवाड़ी जिला बुंदेला और चंदेल राजवंश में काफी विकसित क्षेत्र रहा है। इन राजवंशों ने बुन्देलखण्ड अंचल में पानी की कमी को देखते हुए तालाबों, नहरों, कुओं और बावडियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया था। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत इन संरचनाओं सफा-सफाई जीर्णोद्वार प्राथमिकता के साथ किया जाए। उन्होंने जिले में राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिये विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये।

बैठक में विधायक अनिल जैन, कलेक्टर जमुना भिडे, पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया, सांसद प्रतिनिधि राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक डॉ शिशुपाल यादव, नगर पालिका अध्यक्ष गुलाब अहिरवार अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने सोमवार को निवाड़ी जिले में जल संसाधन विभाग के निर्माण कार्य में लापरवाही पाये जाने पर कार्यपालन यंत्री जल संसाधन संभाग निवाड़ी को निलंबित करने के निर्देश दिये हैं। प्रभारी मंत्री कुशवाह से निवाड़ी जिले में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान स्थानीय प्रतिनिधियों द्वारा जल संसाधन विभाग के कार्यों में लापरवाही की शिकायत की गई थी। इस शिकायत के आधार पर स्थानीय जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ उन्होंने जनपद पंचायत पृथ्वीपुर की ग्राम पंचायत लुहरगुवां स्थित नहर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।

प्रभारी मंत्री कुशवाह ने निरीक्षण में कार्यपालन यंत्री हेमन्त गुप्ता द्वारा बैठक में बताये अनुसार कार्य नहीं पाये जाने पर कलेक्टर जमुना भिड़े को निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिये। उन्होंने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ई.ई. जल संसाधन के समस्त कार्यों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा है। कलेक्टर द्वारा कार्यपालन यंत्री का निलंबन का प्रस्ताव आयुक्त सागर संभाग को भेज दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर