मप्र के रतलाम में मसीही सम्मेलन में हंगामा, हिंदू संगठनों ने लगाए धर्मांतरण के आरोप
भोपाल, 27 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के होटल अजंता पैलेस में चल रहे मसीही आध्यात्मिक सम्मेलन 'जीवन दर्शन' में बुधवार दोपहर हंगामा हो गया। हिंदू संगठन बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर धर्मांतरण के आरोप लगाए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला और हॉल का गेट बंद कराकर स्थिति को नियंत्रित किया।
जानकारी के अनुसार यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल रतलाम और रतलाम पास्टर्स फेलोशिप द्वारा द्वारा 26 और 27 मई को अजंता पैलेस में इस आध्यात्मिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में दूसरे दिन बुधवार को दोपहर में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और आयोजकों पर हिंदू समाज के लोगों को बुलाकर धर्मातरण कराने का गंभीर आरोप लगाया।
हंगामे की सूचना पर सीएसपी अजय सारवान भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। इसी बीच बजरंग दल के पदाधिकारी सम्मेलन हॉल के बाहर परिसर में धरने पर बैठ गए और विरोध जताते हुए उन्होंने वहीं हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। तनाव को देखते हुए पुलिस ने हॉल के मुख्य गेट को अपने कब्जे में लेकर पहरा लगा दिया है। फिलहाल किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
आयोजन के बैनरों और आमंत्रण पत्रों पर स्पष्ट रूप से लिखा हुआ था कि यह कार्यक्रम केवल मसीही विश्वासियों (ईसाई समुदाय) के लिए है। बजरंग दल और विहिप के पदाधिकारियों का आरोप है कि जब कार्यक्रम केवल ईसाई समाज के लिए आरक्षित था, तो इसके बावजूद अंदर भारी संख्या में हिंदू समाज के लोग शामिल थे। इसी बात को लेकर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और उन्होंने होटल परिसर में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के दौरान आयोजन समिति के सदस्यों और प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस हुई। मसीही समाज के लोगों ने नरेंद्र मोदी जिंदाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं बजरंगदल कार्यकर्ताओं ने जय श्री राम के नारे हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। माहौल गरमाता देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से हॉल का मुख्य दरवाजा बंद कर दिया। इस दौरान बाहर खड़े दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से आयोजन को तुरंत बंद कराने और कथित धर्मांतरण के प्रयास को लेकर आयोजकों के खिलाफ सख्त धाराओं में प्रकरण दर्ज करने की मांग की।
कार्यक्रम में मुख्य प्रचारक के रूप में जयपुर (राजस्थान) के आचार्य विकास और संगीत आराधना के लिए पीएस विलियम मैसी आए हुए हैं। यूसीसीआर जिला सेक्रेटरी बिनोय कुरियाकोस ने बताया कि मसीही सम्मेलन में आत्मिक उन्नति की बात होता है। दो दिन का सम्मेलन था। यहां रतलाम के लोग ही आए हैं। बैनरों में स्पष्ट लिखा हुआ है, यह सम्मेलन केवल मसीही लोगों के लिए है। अभी इन दिनों में हमारे भारत में मसीही समाज के ऊपर जो भी विरोध होते हैं, सारी बातों को देखते हुए हमने इस सेमिनार में जितने लोग आ रहे हैं, सभी व्यक्ति का 50 रुपये का रजिस्ट्रेशन रखा। वो स्वयं अपनी मर्जी से आए है, हम किसी को जबरदस्ती बुलाया हुआ है ही नहीं है। जो आईडी उनको दिया गया है, उस आईडी में भी स्पष्ट लिखा गया है कि मैं स्वयं मेरी मर्जी से इस सम्मेलन में आया हुआ हूं।
कुरियाकोस का कहना है कि धर्मांतरण के आरोप निराधार है। रतलाम में 10 चर्च मिलकर 'यूनाइटेड क्रिश्चियन काउंसिल' है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों की बात सुन रही है और आयोजन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। इस दौरान बजरंग दल जिलाध्यक्ष राधेश्याम रावल, जिला संयोजक मुकेश व्यास समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर