मप्रः दुर्लभ प्रजाति के कछुओं के आरोपी तस्कर परवेज व करण की प्रथम जमानत याचिका खारिज
भोपाल, 17 मार्च (हि.स.)। रेल नेटवर्क के जरिए दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में तस्करी करने वाले आरोपी परवेज एवं करण की प्रथम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय भोपाल से खारिज कर दी गई है।
जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स, रेलवे सुरक्षा बल और वन मण्डल भोपाल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए संत हिरदाराम स्टेशन से एक अन्य आरोपी अजय सिंह राजपूत पुत्र राजकुमार निवासी इंदौर, जो ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत था, के पास से 311 नग दुर्लभ एवं प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं को जब्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई।
प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी को फॉरेस्ट रिमाण्ड में लेकर पूछताछ एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों का संग्रहण कर नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर और राज्य के बाहर लखनऊ में दल बनाकर एक साथ छापामारी की गयी। इसमें उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, प्रकरण में शामिल आरोपी परवेज खान निवासी रतलाम एवं करण मालवीय निवासी उज्जैन के विरुद्ध जिला सत्र न्यायालय भोपाल में प्रथम जमानत याचिका दायर की, जिसे जिला सत्र न्यायालय भोपाल द्वारा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई भोपाल द्वारा की गयी सटीक विवेचना एवं अभियोजन पक्ष द्वारा दी गयी दलीलों दुर्लभ जलीय वन्य-जीव की तस्करी के अंतरराज्यीय गिरोह से संबद्ध होकर अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील प्रकृति के आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी गयी। प्रकरण में विवेचना जारी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर