मप्रः पीडब्ल्यूडी मंत्री ने मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में की विभाग की योजनाओं को लेकर विस्तृत चर्चा
भोपाल, 11 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग द्वारा ऐतिहासिक नगरी ओरछा में शनिवार को आयोजित मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने विभाग की प्राथमिकताओं, कार्यप्रणाली में सुधार एवं इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की भावी दिशा पर समस्त मुख्य एवं प्रमुख अभियंताओं के साथ विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 10 दिसंबर-2025 को विभागीय समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन के दिशा में यह बैठक महत्वपूर्ण रही। मुख्य अभियंता कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ मंत्री सिंह द्वारा श्री रामराजा सरकार के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग सुखवीर सिंह, प्रबंध संचालक सड़क विकास निगम भरत यादव, प्रबंध संचालक भवन विकास निगम सिबी चक्रवर्ती, प्रमुख अभियंता के.पी.एस. राणा और एस आर बघेल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।
मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस समीक्षा का मंच नहीं बल्कि खुली परिचर्चा का माध्यम है, जहां सभी अधिकारी अपने अनुभव साझा कर विभाग को नई दिशा देने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर दो माह में इस प्रकार की परिचर्चा आयोजित की जाएगी, जिससे कार्यों की गुणवत्ता एवं परिणाम बेहतर हो सकें।
मंत्री सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि परिचर्चा के माध्यम से ही अनेक जटिल समस्याओं का समाधान संभव है और सभी अधिकारियों को एक सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सड़क अधोसंरचना विकास अब केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पर्यटन विकास से भी जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में बबीना बाईपास से ओरछा मार्ग को उन्नत करने के निर्देश देते हुए कहा कि चौड़ीकरण के साथ साथ इस मार्ग को प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों की थीम पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए विशेष डीपीआर तैयार की जाएगी, जिससे यह मार्ग स्वयं में एक आध्यात्मिक एवं पर्यटन अनुभव प्रदान कर सके।
मंत्री सिंह ने NHAI को पत्र लिखकर बबीना बाईपास पर ओरछा के लिये अंडरपास निर्माण का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए, जिससे सागर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग से आने वाले पर्यटकों को निर्बाध एवं सुरक्षित कनेक्टिविटी मिल सके। उन्होंने अमरकंटक पहुंच मार्ग के उन्नयन का उदाहरण देते हुए निर्देशित किया कि उसी तर्ज पर ओरछा मार्ग को भी आधुनिक डिजाइन, बेहतर संकेतक, सुरक्षा उपाय एवं पर्यटक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाए।
बैठक में विभागीय कार्यों में गुणवत्ता नियंत्रण, समयबद्धता, नवीन तकनीकों के उपयोग, पर्यावरण अनुकूल निर्माण एवं विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
10 दिसंबर 2025 को विभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव निर्देश अनुसार अब सभी शासकीय भवनों को ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इन निर्देशों का समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण पालन सुनिश्चित करने के मंत्री सिंह ने निर्देश दिए कि सभी नवीन भवनों का GRIHA रेटिंग के लिये पंजीयन कराया जाए तथा GRIHA काउंसिल के साथ MOU करके ग्रीन बिल्डिंग के लिये तकनीकी सहयोग प्राप्त किया जाए।
मंत्री सिंह ने विभागीय सड़कों की उपयोगिता और यातायात भार के आधार पर नवीन श्रेणियों विभाजित करने और इनके युक्तियुक्त वर्गीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि वर्गीकरण उपरांत इन सड़कों को चरणबद्ध रूप से अपग्रेड किया जाएगा तथा प्रत्येक वर्ष जुलाई और अगस्त माह में उनका मूल्यांकन कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित किए जाएंगे। देश में पहली बार लोक निर्माण विभाग द्वारा कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया है, जिसका शुभारंभ 10 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा किया गया।
मंत्री सिंह ने बताया कि कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क के तहत विभागीय कार्यालयों और अभियंताओं के परफॉर्मेंस मूल्यांकन के लिये लोक कल्याण सूचकांक तैयार करने की व्यवस्था प्रारंभ की गई है। अब इंजीनियरों की सीआर तैयार करने और लोक निर्माण पुरस्कारों के निर्धारण में लोक कल्याण सूचकांक का उपयोग किया जाएगा।
सड़क निर्माण में प्रयुक्त होने वाले बिट्यूमिन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए केवल सरकारी रिफाइनरी से बिट्यूमिन लेने का निर्णय लिया गया था। मंत्री सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण में बिटयुमिन कार्य का भुगतान बिट्यूमिन देयकों के शत प्रतिशत वेरिफिकेशन के बाद ही किया जाए। बिट्यूमिन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मंत्री सिंह ने सर्किट हाउस एवं रेस्ट हाउस का प्रबंधन बेहतर करने के निर्देश दिए, जिससे इन परिसरों में आधुनिक सुविधाएं और बेहतर सेवा स्तर सुनिश्चित किया जा सके। साथ ही भोपाल, ग्वालियर एवं जबलपुर सर्किट हाउस का उन्नयन और संचालन निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने पर्यावरण के प्रति विभाग की जिम्मेदारी पर बल देते हुए वर्षाकाल के पहले अधिक से अधिक लोक कल्याण सरोवर सड़क किनारे रिचार्ज बोर निर्मित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ग्रीन बिल्डिंग निर्माण, सड़कों का युक्तियुक्त वर्गीकरण, भास्कराचार्य संस्थान के सहयोग से तैयार रोड नेटवर्क मास्टर प्लान मॉड्यूल का प्रदर्शन, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, औचक निरीक्षण व्यवस्था, रेस्ट हाउस एवं सर्किट हाउस का सत्यापन, बिटुमिन देयकों की जांच तथा जल संरक्षण के अंतर्गत रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज बोर एवं पुलों पर जल प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कॉन्फ्रेंस से पूर्व कलेक्टर जमुना भिड़े एवं संबंधित अधिकारियों ने निवाड़ी जिले की कनेक्टिविटी को सुदृढ़ एवं बेहतर बनाने के संबंध में मंत्री सिंह से चर्चा की। इस दौरान ओरछा तिगैला से ओरछा तथा ओरछा से पृथ्वीपुर सड़क मार्ग को 2 लेन करने पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने अवगत कराया कि ओरछा में श्रद्धालुओं की संख्या में लगभग 20 गुना वृद्धि हुई है, जिससे बेहतर सड़क संपर्क की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।
बैठक में यह भी विचार किया गया कि ओरछा तिगैला से मंदिर तक मार्ग अत्यधिक घुमावदार है। इसका चौड़ीकरण एवं सुधार कर सुरक्षित एवं सुगम बनाया जाए। साथ ही नवीन बायपास रोड से सीधे ओरछा तक पहुंच के लिये लिंक रोड विकसित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। बैठक में सभी अधिकारियों ने अपने सुझाव प्रस्तुत किए और विभाग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुख बनाने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर